गौतम गंभीर की इस गलती से गुवाहाटी भी हार जाएगा भारत? फिर से कर रहे कोलकाता वाली ‘मिस्टेक’


कोलकाता टेस्ट में भारतीय टीम 4 स्पिन गेंदबाजी विकल्पों के साथ उतरी थी. उसकी यह रणनीति उल्टी पड़ गई, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका ने पलटवार करते हुए 30 रनों से जीत दर्ज की. 66 साल में पहली बार हुआ जब किसी टेस्ट मैच की दोनों पारियों में टीम इंडिया 200 रन भी नहीं बना पाई. ईडन गार्डन्स की पिच पर स्पिनरों ने ऐसा कहर बरपाया कि पहला टेस्ट पूरे 3 दिन भी नहीं चल पाया. पहले टेस्ट की पिच की जमकर आलोचना हुई थी, लेकिन गौतम गंभीर का कहना था कि उन्होंने पिच क्यूरेटर से ऐसी ही पिच की मांग की थी. अब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गंभीर दूसरे टेस्ट के लिए भी टर्निंग विकेट पर ही भरोसा जता रहे हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय टीम एक बार फिर टर्निंग पिच की मांग कर सकती है. बारासपारा स्टेडियम पर पहली बार कोई टेस्ट मैच खेला जा रहा होगा, ये बीसीसीआई के हेड क्यूरेटर आशीष भौमिक का घरेलू मैदान भी है. रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि टीम इंडिया की इस मांग के बाद BCCI के अंदर चिंता का माहौल है, क्योंकि इस मैदान में पहले ही मैच में टर्निंग पिच देने से नकारात्मक प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता है.

BCCI के एक सूत्र ने बताया, “यहां की पिच लाल मिट्टी से बनी है, जिसमें ज्यादा गति और बाउंस हो सकता है. भारतीय टीम ने सीरीज शुरू होने से पहले ही अपनी मांग स्पष्ट कर दी थी कि अगर पिच में टर्न होगा तो गेंद उछाल और गति के साथ टर्न लेगी. क्यूरेटर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि पिच में कोई असामान्य उछाल ना हो.”

गुवाहाटी की पिच पर क्या बोले गौतम गंभीर

रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुवाहाटी की पिच पर बात करते हुए गौतम गंभीर ने कहा था कि, “हमने हमेशा कहा है कि टर्निंग विकेट वहां होनी चाहिए, जहां पहले दिन बहुत ज्यादा टर्न ना हो, जिससे टॉस बहुत बड़ा फैक्टर साबित ना हो. हमने ऐसा कभी नहीं कहा कि हम खराब पिच पर खेलना चाहते हैं या फिर टर्निंग पिच पर खेलना चाहते हैं. हम अगर पहला टेस्ट जीत गए होते तो शायद पिच को लेकर इतनी चर्चा ना होती.”

यह भी पढ़ें:

शुभमन गिल और कुलदीप यादव नहीं खेलेंगे दूसरा टेस्ट? जानें गुवाहाटी में कैसी होगी टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन

.

Source link

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *