आगर-मालवा में 10 करोड़ की ड्रग्स जब्त, नर्सरी की आड़ में चल रही थी नशे की फैक्ट्री

आगर मालवा. जिले में नशे के काले कारोबार ने जिस खतरनाक स्तर को छू लिया है, उसका खुलासा केंद्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में हुआ है. आमला क्षेत्र में एक नर्सरी की आड़ में चल रही एमडी ड्रग्स फैक्ट्री पर शनिवार तड़के छापेमारी कर 31 किलो से ज्यादा एमडी ड्रग और सैकड़ों किलो केमिकल जब्त किए गए. यह कार्रवाई सिर्फ एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ नहीं है, बल्कि यह बताती है कि नशे का नेटवर्क किस तरह ग्रामीण इलाकों में चुपचाप पनप रहा था. करोड़ों की ड्रग्स, हाईटेक लैब और महीनों से चल रहा अवैध कारोबार यह साबित करता है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क है.

इस कार्रवाई ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस इलाके में नर्सरी के नाम पर ड्रग्स फैक्ट्री चल रही थी, वहां रोज आवाजाही होती थी, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी. 15 घंटे चली इस कार्रवाई के बाद पूरा इलाका सकते में है. नारकोटिक्स विभाग का दावा है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई बड़े चेहरे सामने आ सकते हैं.

तड़के 4 बजे शुरू हुई कार्रवाई, 15 घंटे चला ऑपरेशन
केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग की टीम ने शनिवार सुबह करीब 4 बजे आमला क्षेत्र स्थित तीर्थ नर्सरी को चारों तरफ से घेर लिया. टीम को पहले से पुख्ता सूचना थी कि यहां बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा है. शुरुआती निगरानी के बाद टीम ने नर्सरी परिसर के अंदर दबिश दी, जहां एक पूरी तरह से गुप्त ड्रग्स लैब संचालित हो रही थी.

नर्सरी की आड़ में चल रही थी हाईटेक ड्रग्स लैब
छापेमारी के दौरान जो सामने आया, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया. पौधों और कृषि उपकरणों के बीच एमडी ड्रग्स बनाने की पूरी फैक्ट्री छिपाई गई थी. यहां आधुनिक मशीनें, केमिकल प्रोसेसिंग यूनिट और पैकिंग का इंतजाम था. साफ है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से सक्रिय थी और यहां से तैयार ड्रग्स की सप्लाई बाहर भेजी जा रही थी.

क्या-क्या बरामद हुआ, एक नजर

  • 31 किलो 250 ग्राम तैयार एमडी ड्रग्स
  • करीब 600 किलो खतरनाक केमिकल
  • ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल मशीनें
  • प्रोसेसिंग और पैकिंग उपकरण
  • केमिकल स्टोरेज ड्रम और कंटेनर

केमिकल्स की लिस्ट ने बढ़ाई चिंता
नारकोटिक्स अधिकारियों के मुताबिक, मौके से एमडीसी, एमएमए, सोडियम कार्बोनेट, ट्रायथाइलामाइन, सोडियम एस सहित कई प्रतिबंधित रसायन बरामद किए गए हैं. ये केमिकल्स न सिर्फ ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होते हैं, बल्कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक माने जाते हैं.

अब तक की कार्रवाई को नंबरों में समझें

  • छापेमारी शुरू हुई सुबह 4 बजे
  • ऑपरेशन चला करीब 15 घंटे
  • टीम में शामिल रहे 25 से अधिक अधिकारी
  • जब्त एमडी ड्रग्स की कीमत 10 करोड़ से ज्यादा
  • बरामद केमिकल्स का वजन करीब 600 किलो

नारकोटिक्स अधिकारियों ने क्या कहा
उप नारकोटिक्स आयुक्त निखिल गांधी ने साफ कहा कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने बताया कि पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच आगे बढ़ाई जा रही है और नेटवर्क के हर लिंक को खंगाला जा रहा है. वहीं उज्जैन क्षेत्र के एसपी मुकेश खत्री ने कहा कि फैक्ट्री के मालिक और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है.

स्थानीय पुलिस पर उठे सवाल
इस पूरे मामले के बाद सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहा है. जिस इलाके में करोड़ों की ड्रग्स फैक्ट्री चल रही थी, वहां लंबे समय तक कोई कार्रवाई न होना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते निगरानी होती, तो इतना बड़ा नेटवर्क पनप नहीं पाता.

क्या आगर मालवा बन रहा है ड्रग्स का नया हब? 
कानून के जानकार मानते हैं कि यह मामला संकेत देता है कि आगर मालवा अब ड्रग्स तस्करी के नए हब के रूप में उभर रहा है. इससे पहले भी आसपास के जिलों में एमडी ड्रग्स से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं. यह कार्रवाई उसी कड़ी का बड़ा उदाहरण है.

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *