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ITI Fashion Designing Success Story: सतना की पूनम कुशवाहा ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सिलाई के शौक को करियर में बदल दिया. 12वीं के बाद उन्होंने शासकीय आईटीआई सतना से फैशन डिजाइनिंग एंड टेक्नोलॉजी में 83% अंक हासिल किए. आज वे गुजरात के वापी स्थित वेलस्पन इंडिया लिमिटेड में कार्यरत हैं और करीब 21 हजार रुपये मासिक वेतन पा रही हैं. शुरुआत में परिवार का समर्थन नहीं था, लेकिन गुरु के मार्गदर्शन और मेहनत ने उनकी राह आसान की.
Satna News: मध्यप्रदेश के सतना की रहने वाली पूनम कुशवाहा ने साबित कर दिया कि अगर मन में जुनून हो तो रास्ते खुद बनते हैं. बचपन से ही उन्हें सिलाई का शौक था, लेकिन परिवार को लगता था कि यह पेशा स्थायी भविष्य नहीं दे पाएगा. पूनम के पिता तोमरनाथ कुशवाहा ड्राइवर हैं और मां आशा कुशवाहा गृहिणी. सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने 12वीं के बाद शासकीय आईटीआई सतना में फैशन डिजाइनिंग एंड टेक्नोलॉजी ट्रेड में दाखिला लिया. सत्र 2020-21 में उन्होंने 83 प्रतिशत अंकों के साथ कोर्स पूरा किया.
जीरो से हीरो तक का सफर
पूनम बताती हैं कि जब उन्होंने कोर्स जॉइन किया था तब उन्हें मशीनों के बारे में कुछ भी पता नहीं था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. हर दिन सीखने की कोशिश की और खुद को बेहतर बनाया.
प्रशिक्षण के बाद उनका चयन गुजरात के वापी स्थित वेलस्पन इंडिया लिमिटेड में मशीन ऑपरेटर के रूप में हुआ. शुरुआत में उन्होंने इंदौर में एक साल काम किया, फिर ट्रांसफर होकर गुजरात पहुंचीं. अब वे स्ट्रीचिंग ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं और करीब 21 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं.
गुरु का मार्गदर्शन बना सहारा
आईटीआई में उनकी प्रशिक्षक शुभांजलि श्रीवास्तव ने उन्हें तकनीकी ज्ञान के साथ आत्मविश्वास भी दिया. उन्होंने परिवार को समझाया कि यह क्षेत्र भी उज्ज्वल भविष्य दे सकता है. आज वही परिवार, जो पहले हिचक रहा था, अपनी बेटी की सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है. पूनम की कहानी सिर्फ नौकरी पाने की नहीं, बल्कि अपने सपनों पर विश्वास रखने और संघर्ष से मंजिल पाने की मिसाल है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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