सर्दियों में हड्डियों को बनाएं मजबूत, दूध में मिलाकर पियें यह घरेलू पाउडर

खंडवा. सर्दियों का मौसम शुरू होते ही शरीर के कई हिस्सों में दर्द बढ़ने लगता है. खासकर घुटनों, कंधों और पीठ में जकड़न महसूस होना बहुत आम बात है. ठंड के कारण हमारी मांसपेशियां और जोड़ों के आसपास के टिश्यू सिकुड़ जाते हैं. इससे खून का प्रवाह धीमा हो जाता है और चलने-फिरने में भी दिक्कत आने लगती है. डॉक्टरों के अनुसार, ठंड में सिनोवियल फ्लूड भी गाढ़ा हो जाता है, जो हमारे जोड़ों को लुब्रिकेशन देता है. जब यह फ्लूड गाढ़ा होता है, तो हड्डियां पहले जैसी आसानी से नहीं चल पातीं और दर्द बढ़ जाता है.

इसके अलावा सर्दियों में लोग धूप कम लेते हैं, जिसकी वजह से विटामिन D की कमी हो जाती है. यह कैल्शियम के अवशोषण को कम कर देता है, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं. वहीं शारीरिक गतिविधि कम होने से जॉइंट स्टिफनेस और ज्यादा हो जाती है. जिन लोगों को पहले से सर्वाइकल, आर्थराइटिस या घुटनों का दर्द है, वे सर्दी में सबसे ज्यादा परेशान होते हैं.

इन्हीं समस्याओं को देखते हुए खंडवा के डॉक्टर अनिल पटेल ने एक खास घरेलू नुस्खा बताया है, जो सर्दियों में हड्डियों और जोड़ों के दर्द को दूर करने में काफी असरदार माना जाता है. उनका कहना है कि अगर आप रोज रात में दूध में हल्दी के साथ एक चम्मच यह खास पाउडर मिलाकर पी लें, तो पूरी सर्दी में जोड़ों का दर्द और जकड़न आपको परेशान नहीं करेगी.

क्या है वो चार चीजें
यह पाउडर चार प्राकृतिक चीजों से बनता है- काले तिल, अखरोट, खसखस और अलसी के बीज. इन सभी चीजों को हल्का सा भूनकर बारीक पीस लें. रोज एक चम्मच यह पाउडर गरम दूध में मिलाकर पीने से हड्डियां मजबूत होती हैं और शरीर अंदर से गर्म रहता है. आइए जानते हैं कि इस पाउडर की हर चीज किस तरह आपके जोड़ों के लिए फायदेमंद है.

काले तिल–प्राकृतिक कैल्शियम का खजाना
काले तिल को सर्दियों का सबसे मजबूत टॉनिक माना जाता है. यह कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं. ये तत्व हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और दर्द को कम करते हैं. तिल शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं, जिससे सर्दी के मौसम में होने वाली जकड़न में राहत मिलती है. इसके अलावा तिल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स हड्डियों के घिसाव को रोकते हैं, जिसकी वजह से आर्थराइटिस के मरीजों को बहुत फायदा मिलता है.

अखरोट– ओमेगा-3 से भरपूर
अखरोट को दिमाग और दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन यह जोड़ों के दर्द में भी उतना ही असरदार है. इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर में होने वाली सूजन को कम करते हैं. सूजन कम होने पर दर्द भी घटता है और मूवमेंट बेहतर होता है. अखरोट में विटामिन E और कॉपर भी होते हैं, जो जॉइंट की लुब्रिकेशन बनाए रखते हैं. इससे हड्डियां आसानी से चलती हैं और घुटनों का दर्द कम महसूस होता है. ठंड के दिनों में अखरोट शरीर को गर्म रखने का काम भी करते हैं.

खसखस– दर्द और सूजन का प्राकृतिक इलाज
खसखस यानी पोस्ता तनाव कम करने और शरीर को शांत रखने के लिए जाना जाता है. लेकिन इसके अंदर ऐसे गुण भी हैं, जो जोड़ों के दर्द में काफी राहत देते हैं. खसखस कैल्शियम, आयरन और हेल्दी फैटी एसिड से भरपूर होता है. ये तत्व हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और जकड़न को कम करते हैं. खसखस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है और रात में होने वाले दर्द को भी कम करता है. कई लोग खसखस को दूध में डालकर सर्दियों में पीते हैं, क्योंकि यह नींद भी सुधारता है और दर्द भी घटाता है.

अलसी के बीज– सबसे सस्ता ओमेगा-3 स्रोत
अलसी ओमेगा-3 फैटी एसिड का सबसे सस्ता और प्राकृतिक स्रोत है. यह सूजन कम करने में बेहद तेज असर दिखाती है. अलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स हड्डियों को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स को रोकते हैं. यह घुटनों की सूजन, रुमेटॉयड दर्द और अर्थराइटिस में खास फायदेमंद मानी जाती है. अलसी जोड़ों की लुब्रिकेशन भी बेहतर बनाती है, जिससे चलने-फिरने में दर्द कम होता है.

ये चारों चीजें मिलकर कैसे करती है असर?
काले तिल, अखरोट, खसखस और अलसी—ये सभी शरीर के लिए प्राकृतिक पोषण का पावरहाउस हैं. इनका पाउडर दूध में हल्दी के साथ पीने से शरीर को तीन बड़े फायदे मिलते हैं:
1. हड्डियां मजबूत होती हैं- कैल्शियम, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स हड्डियों की मजबूती बढ़ाते हैं.
2. सूजन और जकड़न कम होती है- ओमेगा-3 और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दर्द घटाते हैं.
3. जोड़ों की लुब्रिकेशन बेहतर होती है- इससे चलना-फिरना आसान होता है और ठंड में दर्द नहीं बढ़ता.

नियमित रूप से यह पाउडर पीने से शरीर को अंदर से गर्मी मिलती है और ठंड का असर हड्डियों पर कम होता है. यह नुस्खा पूरी तरह प्राकृतिक है और सर्दियों में हड्डियों के दर्द के लिए एक आसान, सुरक्षित और असरदार उपाय है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *