सुबह खाली पेट पिएं सिर्फ एक गिलास तांबे का पानी, बालों से लेकर थायरॉइड तक मिलेगा जबरदस्त फायदा, अपनाएं ये आदत

सुबह की शुरुआत अगर सेहतमंद आदतों के साथ हो, तो पूरा दिन तरोताजा और ऊर्जा से भरा हुआ बीतता है. भारतीय परंपराओं में कई ऐसी आदतें शामिल हैं, जिनका वैज्ञानिक आधार भी है और जिनका असर आज भी देखा जा सकता है. इन्हीं में से एक आदत है – तांबे के बर्तन में रातभर रखा पानी सुबह खाली पेट पीना. दादी-नानी के जमाने से ही इस आदत की सलाह दी जाती रही है. आयुर्वेद में भी इसे औषधि से कम नहीं माना गया है. आइए जानते हैं इसके फायदे, सही तरीका और किन लोगों को इसे नहीं अपनाना चाहिए.

तांबे के पानी के फायदे

एक – एनीमिया में सहायक
अगर शरीर में खून की कमी है तो तांबे का पानी काफी मददगार हो सकता है. तांबा शरीर में आयरन के बेहतर अवशोषण में सहायक होता है. जब आयरन अच्छे से अवशोषित होगा तो हीमोग्लोबिन का स्तर सुधरेगा और खून की कमी दूर होगी. इसका असर सीधा आपकी थकान और कमजोरी पर दिखेगा.

दो – थायरॉइड को संतुलित करे
थायरॉइड आजकल एक आम समस्या बन चुकी है. तांबे के बर्तन में रखा पानी थायरॉइड हार्मोन को बैलेंस करने में मदद करता है. यह मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखता है और शरीर के अंदर हार्मोनल असंतुलन को कम करने में सहायक साबित होता है.

तीन – बालों की उम्र बढ़ाए
अगर आपके बाल समय से पहले सफेद हो रहे हैं तो यह आदत आपके लिए फायदेमंद हो सकती है. तांबा मेलेनिन नामक पिगमेंट बनाने में मदद करता है, जो बालों के प्राकृतिक रंग को बनाए रखता है. नियमित रूप से तांबे का पानी पीने से समय से पहले सफेद होने की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है.

चार – पाचन को मजबूत बनाए
पेट की सेहत बिगड़ने पर पूरा शरीर प्रभावित होता है. तांबे में हल्के एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पेट को साफ और हेल्दी रखते हैं. यह गैस, एसिडिटी और अपच जैसी परेशानियों को कम करता है औरx पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है.

तांबे का पानी पीने का सही तरीका
रात को सोने से पहले लगभग 250 से 300 मिलीलीटर पानी तांबे के बर्तन (लोटा या जग) में भरकर ढक दें.
सुबह उठते ही खाली पेट सिर्फ एक गिलास यही पानी पिएं.
दिनभर में बार-बार तांबे का पानी पीने की जरूरत नहीं है. एक गिलास ही पर्याप्त है.
तांबे के बर्तन को हमेशा साफ-सुथरा रखें. इसे नींबू और नमक से साफ करना सबसे अच्छा तरीका है.

किन्हें नहीं करना चाहिए तांबे का पानी सेवन
भावेश पटेल कहते है कि तांबे का पानी भले ही औषधि की तरह काम करता हो, लेकिन यह हर किसी के लिए सही नहीं है. खासकर इन चार स्थितियों वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए:
1. लिवर या किडनी की समस्या वाले लोग – उनके शरीर में कॉपर की अधिकता नुकसान पहुंचा सकती है.

2. कॉपर एलर्जी वाले लोग – जिनको कॉपर से एलर्जी है, उन्हें यह पानी नहीं पीना चाहिए.

3. गर्भवती महिलाएं – बिना डॉक्टर की सलाह के तांबे का पानी पीने से बचें.

4. छोटे बच्चे – बच्चों के लिए सामान्य पानी ही सुरक्षित है.

ध्यान रखने योग्य बातें
तांबे के बर्तन में कभी खट्टे पदार्थ जैसे नींबू पानी, सिरका, टमाटर का रस या इमली न रखें.
दूध या अन्य डेयरी उत्पाद भी तांबे के बर्तन में न रखें, वरना सेहत को नुकसान हो सकता है.
बर्तन को हमेशा सुखाकर ही इस्तेमाल करें.

भावेश पटेल बताते है कि रातभर तांबे के बर्तन में रखा पानी सुबह खाली पेट पीना एक सरल लेकिन बेहद प्रभावी आदत है. यह पाचन सुधारने से लेकर बालों और खून की सेहत तक पर असर डालता है. हालांकि, हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए अगर आपको कोई गंभीर समस्या है तो इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है. सही तरीके से और नियमित रूप से अपनाया जाए तो यह आदत आपको लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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