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Alcohol Risk: देहरादून के दून अस्पताल के डॉ अमर उपाध्याय ने बताया कि ज्यादा एल्कोहल सेवन से डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी जैसी गंभीर हृदय बीमारी हो सकती है, जिससे हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ता है.
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के दून अस्पताल में कार्यरत सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ अमर उपाध्याय ने बताया कि लंबे समय तक एल्कोहॉल के सेवन करने से सिर्फ लिवर ही नहीं इसका दिल पर भी बुरा असर पड़ता है . लंबे समय तक शराब पीने से दिल की मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है और हार्ट का फंक्शन काफी कम हो जाता है. इस स्थिति को मेडीकल लेंग्वेज में डाइलेटेड कार्डियोमापैथी कहा जाता है. उन्होंने बताया कि आमतौर पर जिसको यह बीमारी हो जाती है. अगर वह शराब का सेवन बंद कर देता है तो धीरे-धीरे व्यक्ति के हृदय की स्थिति सामान्य हो सकती है, लेकिन कुछ मामलों में व्यक्ति की परेशानी बढ़ जाती है. ऐसे में दिल पर शराब के कई तरह के बुरे असर देखे जा सकते हैं, लेकिन यह सबसे खतरनाक बीमारी मानी जा सकती है. क्योंकि यह हृदय की विफलता का कारण बन सकती है.
क्या होती है डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी?
डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी को डीसीएम भी कहा जाता है ,जो एक हृदय रोग है. इसमें हृदय की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती है जिस कारण वह सही तरीके से खून को पंप नहीं कर पता है और खून के साथ ही उसमें मिला ऑक्सीजन शरीर की अन्य कोशिकाओं को भी नहीं मिल पाती है. शराब का ज्यादा सेवन करने के साथ ही ज्यादा नमक और धूम्रपान के चलते भी इस स्थिति से इंसान को गुजरना पड़ सकता है.
मीडिया फील्ड में एक दशक से अधिक से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2010 से नई दुनिया अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर हिंदुस्तान, ईटीवी भारत, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया समेत कई…और पढ़ें
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