चीनी दूतावास पर अटैक से ड्रैगन आगबबूला, जापान से बोला- अंजाम बहुत बुरा होगा!

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चीनी दूतावास पर अटैक से ड्रैगन आगबबूला, जापान से बोला- अंजाम बहुत बुरा होगा!

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China Japan Tensions: टोक्यो में चीनी दूतावास में घुसपैठ की घटना से जापान और चीन के बीच कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है. एक जापानी नागरिक, जो खुद को सैनिक बता रहा था, दीवार फांदकर दूतावास में घुसा और राजनयिकों को मारने की धमकी दी. बीजिंग ने इसे वियना कन्वेंशन का उल्लंघन बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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चीनी दूतावास में घुसा जापानी ‘सैनिक’. (File Photo : Reuters)

टोक्यो: जापान की राजधानी में स्थित चीनी दूतावास की सुरक्षा में बड़ी सेंध लगी है. एक शख्स ने दूतावास की दीवार फांदी और अंदर घुसकर कोहराम मचा दिया. बीजिंग का दावा है कि यह व्यक्ति खुद को जापानी सेना का एक्टिव सोल्जर बता रहा था. उसने वहां तैनात चीनी डिप्लोमेट्स को जान से मारने की सीधी धमकी दी है. इस घटना ने दोनों देशों के बीच पहले से जारी कड़वाहट को और बढ़ा दिया है. चीन ने इस पर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की है. चीनी विदेश मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे ‘अत्यंत गंभीर’ करार दिया है. प्रवक्ता लिन जियान के मुताबिक, यह घुसपैठ मंगलवार सुबह हुई. पकड़े गए शख्स ने कबूल किया है कि उसकी हरकत गैरकानूनी थी. उसने ‘भगवान के नाम पर’ चीनी अधिकारियों की हत्या करने की बात कही है. जापानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मौके से एक चाकू भी बरामद हुआ है. हालांकि, राहत की बात यह है कि किसी भी स्टाफ मेंबर को चोट नहीं आई है.

जापानी सेना का ही जवान है हमलावर

स्थानीय ब्रॉडकास्टर NHK की रिपोर्ट ने इस मामले में नया मोड़ दे दिया है. बताया जा रहा है कि पकड़ा गया शख्स जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स से जुड़ा हो सकता है. अगर यह सच साबित होता है, तो जापान सरकार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाब देना मुश्किल हो जाएगा. फिलहाल जापानी रक्षा मंत्रालय तथ्यों की जांच करने में जुटा है. हमलावर को टोक्यो पुलिस के हवाले कर दिया गया है.

चीन ने जापान को दी सख्त चेतावनी

बीजिंग ने इस मुद्दे पर टोक्यो के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. चीन का कहना है कि यह वियना कन्वेंशन का सीधा उल्लंघन है. दूतावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेजबान देश की जिम्मेदारी होती है. चीन ने मांग की है कि जापान इस मामले की गहन जांच करे. दोषियों को ऐसी सजा दी जाए जो मिसाल बने. चीन का आरोप है कि जापान में दक्षिणपंथी विचारधारा हावी हो रही है, जिससे ऐसे हालात बन रहे हैं.

ताइवान और इतिहास के विवाद ने बिगाड़ी बात

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के रिश्ते सबसे निचले स्तर पर हैं. पिछले साल जापानी प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने ताइवान को लेकर एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि ताइवान पर हमला होने पर जापान सैन्य कार्रवाई कर सकता है. इसके बाद से चीन ने जापान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं. इसमें सीफूड इम्पोर्ट पर बैन और टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट पर रोक शामिल है.

एशिया में बढ़ रहा है सैन्य टकराव का खतरा

चीन ने जापान पर दोबारा सैन्यीकरण की कोशिश करने का आरोप लगाया है. जापान भी अपनी सालाना डिप्लोमैटिक रिपोर्ट में चीन के साथ रिश्तों की अहमियत को कम करने की तैयारी में है. ताइवान को चीन अपना हिस्सा मानता है और बल प्रयोग से इनकार नहीं करता. ऐसे में दूतावास पर हमले जैसी घटनाएं आग में घी डालने का काम कर रही हैं.

About the Author

Deepak Verma

दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्‍य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें

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