भोपाल में बनेगा डॉ. कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर: मंत्री कृष्णा गौर बोलीं- मिसाइल और सैटेलाइट की पूरी विकास यात्रा दिखेगी – Bhopal News

मध्यप्रदेश के युवाओं को विज्ञान, सुरक्षा और राष्ट्रनिर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में बता

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मिसाइल और सैटेलाइट डेवलपमेंट की पूरी यात्रा दिखेगी राज्यमंत्री गौर ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से तैयार इस प्रस्तावित सेंटर में मिसाइल और सैटेलाइट विकास की पूरी यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही जीरो ग्रेविटी वातावरण का सिम्युलेटरी अनुभव देने वाली अधोसंरचना विकसित की जाएगी, जिससे छात्र यह महसूस कर सकेंगे कि अंतरिक्ष स्टेशन में अंतरिक्ष यात्री कैसे रहते और कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रदेश के छात्रों को स्पेस साइंस में करियर के लिए प्रेरित करेगा।

शुक्रवार को मंत्री कृष्णा गौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

‘शौर्य संकल्प’ से सुरक्षा बलों तक युवाओं की सीधी राह

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने अत्यंत पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए प्रस्तावित ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना–2025’ को भी ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत हर वर्ष करीब 4000 युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस, होमगार्ड और निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए तैयार हो सकें। प्रशिक्षण में शारीरिक अभ्यास के साथ अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध पर विशेष जोर दिया जाएगा।

आदर्श छात्रावास और पहली बार निशुल्क मेस सुविधा

राज्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के ओबीसी छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिम, पुस्तकालय, वाचनालय, वाई-फाई, कंप्यूटर कक्ष और खेल सुविधाओं से लैस इन छात्रावासों पर करीब 16 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग बनने के बाद पहली बार छात्रावासों में निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन व्यवस्था शुरू की जा रही है, जिसका शुभारंभ 26 जनवरी को मुख्यमंत्री के कर कमलों से संभावित है।

ओबीसी छात्रावासों में पहली बार निशुल्क भोजन व्यवस्था

मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग के छात्रावासों में अब तक निशुल्क मैस सुविधा उपलब्ध नहीं थी। विभाग के गठन के वर्षों बाद भी ओबीसी छात्रों को भोजन के लिए निजी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता था। मंत्री कृष्णा गौर ने विभाग संभालने के बाद इस असमानता को गंभीरता से लेते हुए ओबीसी छात्रावासों में भी एससी–एसटी छात्रावासों की तर्ज पर निशुल्क भोजन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। अब प्रदेश के सभी ओबीसी छात्रावासों में चरणबद्ध तरीके से मैस सुविधा शुरू की जा रही है।

रिकॉर्ड छात्रवृत्ति, विदेश पढ़ाई और रोजगार की पहल

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ दिया गया है। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना को पारदर्शी बनाकर हर वर्ष 50 छात्रों को सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही बेरोजगार युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार दिलाने की पहल की जा रही है। सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड के माध्यम से आगामी समय में 600 युवाओं को विदेश भेजने की योजना है।

विमुक्त–घुमंतू समुदायों के लिए विशेष अभियान

राज्यमंत्री ने बताया कि विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों की तीन माह में गणना पूरी की जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ लक्षित रूप से पहुंचाया जा सके। यह पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य है।

30 कन्या छात्रावास बनेंगे ‘आदर्श छात्रावास’

पहले चरण में प्रदेश के 30 ओबीसी कन्या छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जाएगा। इन छात्रावासों पर लगभग 16 करोड़ रुपए की लागत आएगी। उद्देश्य यह है कि छात्राओं को सुरक्षित, आधुनिक और प्रेरक वातावरण मिल सके, जिससे वे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

आदर्श छात्रावासों में मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं

  • आधुनिक और स्वच्छ मैस व रसोई
  • पुस्तकालय और अध्ययन कक्ष
  • कंप्यूटर लैब एवं इंटरनेट सुविधा
  • टीवी रूम, इनडोर–आउटडोर खेल
  • सोलर पैनल एवं ऊर्जा संरक्षण
  • सुरक्षा व्यवस्था और छात्रा–हितैषी वातावरण

सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर क्या होता है?

सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर ऐसा वैज्ञानिक प्रशिक्षण और अनुभव केंद्र होता है, जहां अंतरिक्ष (स्पेस) जैसी परिस्थितियों का कृत्रिम वातावरण बनाया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह, रॉकेट, अंतरिक्ष स्टेशन और अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन को वास्तविक अनुभव के करीब ले जाकर समझाना होता है।

यह सेंटर सीखने, अनुभव करने (Learning by Experience) के सिद्धांत पर काम करता है।

सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर में क्या-क्या होता है?

जीरो ग्रेविटी (Zero Gravity) सिमुलेशन

  • अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण (Gravity) नहीं होता।
  • सेंटर में विशेष तकनीक से वजनहीनता जैसी स्थिति बनाई जाती है।
  • बच्चे और युवा यह महसूस कर सकते हैं कि अंतरिक्ष यात्री कैसे चलते हैं, वस्तुएं कैसे तैरती हैं, भोजन और उपकरण कैसे उपयोग किए जाते हैं।

स्पेस स्टेशन सिम्युलेटर

  • अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जैसा मॉडल।
  • अंदर रहने, काम करने और प्रयोग करने का अनुभव।
  • कंट्रोल पैनल, स्लीपिंग पॉड, लैब का डेमो।
  • यह दिखाया जाता है कि अंतरिक्ष यात्री दिनचर्या कैसे निभाते हैं।
  • वैज्ञानिक प्रयोग कैसे किए जाते हैं

रॉकेट और मिसाइल डेवलपमेंट गैलरी

  • रॉकेट लॉन्च से लेकर कक्षा (Orbit) तक की पूरी प्रक्रिया
  • भारत के प्रमुख मिशनों का प्रदर्शन
  • PSLV, गगन यान, चंद्रयान, मंगल मिशन
  • मिसाइल तकनीक का विकास क्रम
  • डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के योगदान पर विशेष सेक्शन

सैटेलाइट (उपग्रह) टेक्नोलॉजी जोन

  • सैटेलाइट कैसे बनते हैं
  • पृथ्वी से सिग्नल कैसे भेजे और प्राप्त किए जाते हैं
  • GPS, मौसम पूर्वानुमान, संचार, टीवी, मोबाइल नेटवर्क की भूमिका
  • लाइव डेमो और एनिमेशन के जरिए समझाया जाता है

लॉन्च सिम्युलेशन और कंट्रोल रूम अनुभव

  • वास्तविक इसरो कंट्रोल रूम जैसा सेटअप
  • छात्र खुद लॉन्च काउंटडाउन, मिशन कंट्रोल और आपात स्थिति प्रबंधन का अभ्यास कर सकते हैं।

VR और AR आधारित स्पेस अनुभव

  • वर्चुअल रियलिटी (VR) से चांद पर चलने
  • मंगल ग्रह देखने
  • पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखने का अनुभव
  • बच्चे खुद को अंतरिक्ष यात्री की भूमिका में देख पाते हैं

स्टूडेंट ट्रेनिंग और करियर गाइडेंस

  • स्पेस साइंस, इंजीनियरिंग, एस्ट्रोनॉमी में करियर जानकारी
  • ISRO, DRDO, स्पेस स्टार्टअप से जुड़ी जानकारी
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन

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