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क्या आपने कभी सोचा है कि घर-आंगन में उगने वाली साधारण-सी दूब घास आपकी सेहत के लिए कितनी खास हो सकती है? दिखने में मामूली लगने वाली दूर्वा आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर एक असरदार आयुर्वेदिक औषधि है. इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर हीमोग्लोबिन सुधारने, पाचन दुरुस्त करने और त्वचा रोगों में राहत देने तक इसके फायदे चौंकाने वाले हैं. यहां तक कि सुबह खाली पेट इसका रस पीना या नंगे पैर इस पर चलना भी तनाव कम करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मददगार माना जाता है.
दूब घास (धूप घास) स्वास्थ्य के लिए एक औषधीय और अत्यंत फायदेमंद जड़ी-बूटी है. जो आयरन, विटामिन ए, और सी से भरपूर होती है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, ब्लड शुगर नियंत्रित करने, एनीमिया दूर करने, और पाचन तंत्र को ठीक करने में मदद करती है. इसके रस का सेवन या इस पर नंगे पैर चलना स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है.

डॉक्टर गीतिका शर्मा ने बताया दूब घास (दूर्वा) एनीमिया (खून की कमी) में बहुत फायदेमंद है. इसे ‘हरा रक्त’ भी कहा जाता है. क्योंकि इसमें मौजूद क्लोरोफिल शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है. सुबह खाली पेट दूब का रस पीने से एनीमिया और कमजोरी दूर होती है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढाती है.

दूब घास (दूर्वा) पाचन क्रिया को दुरुस्त करने और कब्ज से राहत पाने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि है. खाली पेट इसका ताज़ा जूस पीने से शरीर डिटॉक्स होता है. पेट साफ रहता है और यह एसिडिटी व बवासीर में भी राहत देती है. यह फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर है. जो पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद है.
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दूब घास (दूर्वा) एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन A और C और क्लोरोफिल से भरपूर एक प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर और डिटॉक्सिफायर है. यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है. खून साफ करती है और टॉक्सिन्स बाहर निकालकर मेटाबॉलिज्म को सुचारू करती है. सुबह खाली पेट इसका ताजा जूस पीना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत फायदेमंद माना जाता है.

दूब घास (दूर्वा) त्वचा और बालों के लिए एक औषधीय खजाना है. जो एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-सेप्टिक और पोषक तत्वों (विटामिन A, C, पोटैशियम, मैग्नीशियम) से भरपूर होती है. यह त्वचा की खुजली, एक्जिमा, और घाव ठीक करने के साथ ही बालों का झड़ना, डैंड्रफ और समय से पहले सफेद होने की समस्या को दूर करने में बहुत प्रभावी है. इसका रस या लेप लगाने से बालों को पोषण मिलता है.

दूब घास (दूर्वा) ब्लड शुगर (डायबिटीज) को नियंत्रित करने और यूरिन इन्फेक्शन (मूत्र संक्रमण) के इलाज में बहुत प्रभावी प्राकृतिक उपचार है. यह एक बेहतरीन डिटॉक्सिफायर है. जो रक्त शर्करा के स्तर को कम करने, मूत्र में जलन को कम करने और शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है.

दूब घास (दूर्वा) मानसिक शांति, तनाव, और एंग्जायटी (Anxiety) कम करने का एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है. सुबह-शाम नंगे पैर दूब घास पर चलने से दिमाग को ठंडक मिलती है. जिससे माइग्रेन, तनाव और हाई ब्लड प्रेशर में राहत मिलती है. इसके औषधीय गुण मानसिक रोगों में भी बहुत फायदेमंद हैं.