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चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि सोरायसिस में लगातार खुजली और जलन होती है. यह दर्द कभी कभार बहुत बढ़ सकता है. सामान्य एड़ी के फटने में इतना दर्द नहीं होता. कई मामलों में एड़ियों के अलावा कोहनी, घुटना, खोपड़ी और पीठ पर भी ऐसे पैच दिखाई देते हैं. डॉ तिवारी कहते हैं कि…
जमुई: सर्दियों के बढ़ते प्रभाव के साथ एड़ी फटने की शिकायतें आम हो गई हैं. कई बार तो सर्दियों के मौसम में एड़ियां सामान्य रूप से फटती हैं लेकिन, कई बार यह सोरायसिस जैसी गंभीर बीमारी का भी लक्षण होता है. लोगों उसे सामान्य एड़ी का फटना समझकर नजर अंदाज करते रहते हैं और बाद में यह समस्या बढ़ जाती है. तो हम आपको बता रहे हैं सोरायसिस के लक्षणों के बारे में. इससे आप जान पाएंगे कि सामान्य एड़ी फटने और सोरायसिस में क्या अंतर होता है. आयुष चिकित्सक डॉ रास बिहारी तिवारी बताते हैं कि साधारण एड़ी फटना और सोरायसिस दोनों पूरी तरह अलग स्थितियां हैं. एड़ी फटना आमतौर पर सर्द मौसम, ज्यादा सूखापन, लंबी अवधि तक खड़े रहने, गंदगी में चलने या विटामिन की कमी की वजह से होता है. इसमें त्वचा मोटी हो जाती है और फटने पर दर्द या हल्का खून भी आ सकता है लेकिन, सोरायसिस होने की वजह और उसके लक्षण अलग हैं.
स्किन में लाल चकत्ते हो सकते हैं सोरायसिस के लक्षण
चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि सोरायसिस एक ऑटोइम्यून रोग है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली त्वचा कोशिकाओं पर तेजी से हमला करती है. इससे लाल चकत्ते, मोटी पपड़ियां और असमान किनारे बन जाते हैं. अक्सर लोग इसे सामान्य एड़ी फटना समझकर घरेलू उपचार में समय गंवा देते हैं जबकि समय पर जांच जरूरी होती है. डॉ तिवारी बताते हैं कि दोनों स्थितियों के लक्षणों में स्पष्ट अंतर समझकर ही सही पहचान संभव है. सामान्य एड़ी फटने में त्वचा केवल सूखकर कठोर हो जाती है और चलने पर हल्का दर्द होता है. त्वचा का रंग सामान्य बना रहता है और फटी जगहों के आसपास लालपन या सूजन ज्यादा नहीं होता. सोरायसिस में त्वचा पर लाल धब्बे दिखाई देते हैं जिनके ऊपर मोटी सिल्वर या सफेद रंग की परत जमने लगती है. यह परत बार-बार झड़ती है और उसकी जगह नई परत बन जाती है.
लगातार जलन और खुजली होने पर कराएं जांच
चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि सोरायसिस में लगातार खुजली और जलन होती है. यह दर्द कभी कभार बहुत बढ़ सकता है. सामान्य एड़ी के फटने में इतना दर्द नहीं होता. कई मामलों में एड़ियों के अलावा कोहनी, घुटना, खोपड़ी और पीठ पर भी ऐसे पैच दिखाई देते हैं. डॉ तिवारी कहते हैं कि यदि एड़ी का फटना लंबे समय तक ठीक न हो, त्वचा की परतें मोटी होती जाएं, त्वचा लाल हो और बार-बार पपड़ी झड़ रही हो तो इसे साधारण सूखापन समझने की गलती न करें बल्कि तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें. वे बताते हैं कि सोरायसिस संक्रामक नहीं होता लेकिन यह तेजी से फैल सकता है और समय रहते इलाज न हो तो जीवनभर परेशानी दे सकता है.
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