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Is Roti Increase Weight Gain: भारत में चावल और रोटी दो मुख्य भोजन के प्रकार है. लगभग हर कोई हर दिन ये खाते ही हैं. रोटी का सेवन चावल से ज्यादा किया जाता है लेकिन क्या रोटी खाने से वजन बढ़ सकता है. क्या रोटी ब्लड शुगर को भी बढ़ा देता है. इंस्टाग्राम पर डॉ. मनु बोरा ने इसके बारे में बताया है.
Is Roti Increase Weight Gain: देश में शायद ही कोई हो जो रोटी न खाता हो या गेहू से बने फूड को नहीं खाता हो. यह हमारे देश के भोजन का मुख्य आधार है. पर रोटी के बारे में सोशल मीडिया पर डॉ. मनु बोरा ने एक अनोखी बात कही है. उन्होंने कहा कि रोटी वजन बढ़ाने का मुख्य कारण है. इतना ही नहीं रोटी ब्लड शुगर को भी बढ़ा देता है. उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया है कि रोटी खाने से पेट फूल जाता है और पाचन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. इसके बाद वे यह भी कहते हैं कि रोटी बुरी चीज नहीं है. यह बुरी तब होती है जब आप इसे गलत तरीके से खाते हैं या ज्यादा खाते हैं. आप कितनी रोटियां खाते हैं और किस तरह से खाते हैं, इस बात पर निर्भर है कि रोटी आपका वजन बढ़ाएगी या नहीं.
रोटी कब पहुंचाने लगती है नुकसान
डॉ. मनु बोरा ने बताया है कि हममें से ज्यादातर लोग बहुत ज्यादा रोटी खाते हैं. कुछ लोग सुबह में चार रोटी के साथ नाश्ता करते हैं. इसके बाद शाम को भी रोटी खाते हैं और फिर रात में भी खाते हैं. इस तरह पूरे दिन में वे तीन बार रोटी खाते हैं. सिर्फ रोटी ही नहीं, गेहूं से बनी चीजें लोग अपने रोजाना के जीवन में बहुत ज्यादा सेवन करते हैं. बिस्कुट, कुकीज जैसे कई पैकेटबंद चीजें गेहूं से ही बनी होती है. यह नुकसान तब और ज्यादा करने लगता है जब इसे हम बिना हरी सब्जी या बिना दाल के खाते हैं. यहीं से रोटी नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती है. जब आप इन चीजों के बिना रोटी खाएंगे तो इसमें फाइबर आपको नहीं पहुंचेगा क्योंकि रोटी में बहुत कम ही फाइबर होता है. अगर आपको फाइबर नहीं मिलेगा तो पाचन में धीमापन आ जाएगा और मेटाबोलिज्म स्लो हो जाएगा. इसके बाद पेट की गड़बड़ी से शुरू हुई कहानी खून तक पहुंचेगी. चूंकि गेहूं में कार्बोहाइड्रैट की मात्रा ज्यादा होती है जो खून में बढ़ने लगेगी. इससे ब्लड शुगर की मात्रा भी बढ़ेगी. यह प्रक्रिया रेगुलर चलती रही तो इससे डायबिटीज का खतरा भी बढ़ेगा.
इसका समाधान क्या है
डॉ. मनु बोरा बताते हैं कि दिक्कत रोटी में नहीं, आपके खाने के तरीके में है. इसलिए जब भी रोटी खाएं तो अपनी थाली को पहले सही तरीके से फिल करें. इसमें हरी सब्जियां और दाल की मात्रा को बढ़ाएं. एक आदर्श थाली में आधा हिस्सा दाल और हरी सब्जियों से भरी होनी चाहिए. रोटी की मात्रा सीमित करें और सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं. आप अपनी डाइट में जितना अधिक सब्जी को शामिल करेंगे उतना ही फायदा होगा. रोजाना अपने भोजन का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा दाल और सब्जी से पूरा करें. इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो सेल में इंफ्लामेशन नहीं होने देगा और बीमारियों के जोखिम को कम करेगा. इसके बाद रोजाना अपनी डाइट में फलों को जरूर शामिल करें. हरी सब्जी, साग और फलों का संतुलन आपके जीवन को बीमारी मुक्त करने में बहुत मदद करेगा.
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