इंडियन वेटरिनरी एसोसिएशन के महासचिव डॉ. विमल चौधरी बताते हैं कि गाय और भैंसों को भी डेंटल प्रॉब्लम्स होती हैं. उन्हें भी दांतों में दर्द की दिक्कत होती है और कई बार उनके दांत को जड़ से हटाना भी पड़ता है. हालांकि ऐसा अक्सर किसी एक्सीडेंटल केस में ही होता है, जब गाय या भैंस का दांत टूट जाता है या जबड़े में कोई इन्फेक्शन आदि हो जाता है. यहां तक कि इन जानवरों की उम्र का पता भी इनके दांतों से ही लगाया जाता है.
जहां तक गाय और भैंसों को डेंटल प्रॉब्लम्स की बात है तो इंसानों की तरह इनके दांतों में कैविटी या कीड़ा लगने की समस्या बहुत कम देखने को मिलती है. इंसानों में अक्सर दांतों में सड़न और कैविटी के बाद दांत के खोखला होने की परेशानी आती है. जिसके लिए रूट कैनाल या आर्टिफिशियल दांत लगाने जैसे इलाज भी किए जाते हैं लेकिन घरों में पाले जाने वाले और दूध देने वाले ये जानवर जो कि मुंह की पेस्ट या मंजन से सफाई तो दूर कुल्ला भी नहीं करते, इनको ये परेशानियां न के बराबर होती हैं.
डॉ. चौधरी बताते हैं कि गाय-भैंस और बकरी प्राकृतिक रूप से मिलने वाला चारा, सरसों की खल, या हरी घास आदि खाते हैं, जो कि एक तरह का हर्बल फूड है. जब ये इन्हें खाते हैं और यह मुंह में रह भी जाता है तो इनसे बैक्टीरिया पनपने की संभावना न के बराबर होती है, उल्टा यह बैक्टीरिया को रोकते हैं.
डॉ. कहते हैं कि दांतों में कैविटी या बैक्टीरिया पैदा होने की संभावना आमतौर पर मीठी चीजों से होती है. इंसान दिन भर में बार-बार मीठा खाते हैं जबकि इन जानवरों को तो कोई मिठाई, चॉकलेट, जूस नहीं खिलाता है. ऐसे में इनके दांत इंसानों के मुकाबले स्वस्थ रहते हैं.
जानवरों में होते हैं पेट के 4 हिस्से
डॉ. चौधरी कहते हैं कि इंसानों से अलग उबार करने वाले जानवरों में पेट के चार हिस्से होते हैं. जैसे व्यक्ति खाना खाता है तो वह सीधा पेट में जाता है, लेकिन जानवर खाना खाते हैं तो वह पहले पेट के एक हिस्से में जाता है. फिर उबार करते हैं तो पेट के दूसरे हिस्से में जाता है. इस तरह बारी-बारी से खाना पेट के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचता है और सही तरह से डाइजेस्ट होता है. लिहाजा जानवरों को खाने को दांतों से ज्यादा चबाने की जरूरत भी नहीं होती.
इंसानों के लिए दांतों की सफाई जरूरी
वे कहते हैं कि जानवरों के लिए प्रकृति ने पूरी व्यवस्था की है, वे ब्रश नहीं करते लेकिन उनके दांत साफ रहते हैं. इंसानों को दांतों को साफ रखना चाहिए और रोजाना दो बार ब्रश करना चाहिए. लापरवाही ने नुकसान हो सकता है.