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मुरैना के परीक्षितपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस अस्पताल में डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी अपनी ड्यूटी से गायब मिले. बीमार बेटी का इलाज कराने आए धर्मेंद्र सिंह तोमर ने अस्पताल में घूमकर वीडियो बनाया. इस वीडियो में कोई स्टाफ नजर नहीं आया. यहां दो बीमार बच्चे दादी के साथ तड़प रहे थे. दादी मां ने गुहार लगाई लेकिन कोई मदद नहीं मिली. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
मुरैना के अस्पताल की पोल खोलता वीडियो वायरल हो गया है.
मुरैना. मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. परीक्षितपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान केंद्र) में डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी पूरी तरह गायब मिले. बीमार बेटी का इलाज कराने पहुंचे स्थानीय नागरिक धर्मेंद्र सिंह तोमर को अस्पताल में एक भी स्टाफ नजर नहीं आया. निराश होकर उन्होंने पूरा अस्पताल घूम-घूमकर वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. वीडियो में डॉक्टर चैंबर खाली दिख रहा है, कोई कर्मचारी नजर नहीं आ रहा और एक बंद कमरे के अंदर से किसी व्यक्ति की आवाज आ रही है कि यहां डॉक्टर नहीं है, इलाज नहीं होगा. दो बीमार बच्चे अपनी दादी के साथ तड़प रहे थे, लेकिन उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था. यह घटना आयुष्मान योजना के तहत चल रहे केंद्र की हकीकत बेनकाब कर रही है.
यह वीडियो वायरल होने के बाद मुरैना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर सवालों की बौछार शुरू हो गई है. जहां सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को मुफ्त इलाज का वादा करती है, वहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ ही गायब है. धर्मेंद्र सिंह तोमर ने वीडियो में जिला कलेक्टर, मुख्यमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सीधे अपील की है कि वे खुद आकर अस्पताल की स्थिति देखें. वीडियो में साफ दिख रहा है कि पूरा अस्पताल खाली पड़ा है और मरीजों की मदद के लिए कोई तैयार नहीं है. यह लापरवाही न सिर्फ एक केंद्र की समस्या है बल्कि पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती है. ग्रामीण अब पूछ रहे हैं कि जब ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ही गायब रहता है तो बीमार व्यक्ति कहां जाए?
वीडियो में क्या दिखा, डॉक्टर नहीं है; यहां से चले जाओ
धर्मेंद्र सिंह तोमर ने अस्पताल घूमकर हर कमरा दिखाया. डॉक्टर चैंबर में कोई नहीं था. नर्सिंग स्टेशन खाली था. एक बंद कमरे के अंदर से आवाज आई कि यहां कोई डॉक्टर नहीं है, इलाज नहीं होगा. मरीजों की हालत दो छोटे बच्चे तेज बुखार और दर्द से तड़प रहे थे. उनकी दादी उन्हें संभाल रही थी. कोई स्टाफ मदद करने नहीं आया. धर्मेंद्र सिंह तोमर की अपील उन्होंने जिला कलेक्टर, मुख्यमंत्री, विधायक और प्रभारी मंत्री से सीधे अपील की कि वे अस्पताल आकर व्यवस्था देखें और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करें. स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं. दोषी स्टाफ पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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