डॉक्टरों की सलाह: किसे कब और कितना पपीता खाना चाहिए, जानिए टिप्स

Last Updated:

पपीता एक स्वास्थ्यवर्धक फल है, जो पाचन सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कई बीमारियों में फायदेमंद माना जाता है. लेकिन कुछ मामलों में इसका अत्यधिक सेवन या गलत समय पर खाना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. गर्भवती महिलाएं, ब्लड थिनर लेने वाले, थायराइड रोगी और किडनी स्टोन के मरीज इसे सीमित मात्रा में या चिकित्सक की सलाह के बाद ही खाएं. इस आर्टिकल में जानिए पपीते के फायदे, नुकसान और सेवन की सावधानियां.

पपीता एक स्वास्थ्यवर्धक फल है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह हानिकारक भी हो सकता है. गर्भवती महिलाएं (कच्चा या अधपका पपीता), लेटेक्स एलर्जी वाले, थायराइड रोगी, ब्लड थिनर लेने वाले और किडनी स्टोन के मरीज इसे सावधानी से ही खाएं. अधिक मात्रा में सेवन करने पर यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परेशानी और पेट में मरोड़ का कारण बन सकता है.

डॉक्टर रवि आर्य के अनुसार, गर्भावस्था में पूरी तरह पका हुआ पपीता सीमित मात्रा में सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है. वहीं, कच्चा या आधा-पका पपीता बिल्कुल नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद लेटेक्स और पपेन गर्भपात या समय से पहले प्रसव का कारण बन सकते हैं.

कच्चे पपीते और इसके लेटेक्स (सफेद दूध) में पैपेन एंजाइम अधिक मात्रा में पाया जाता है. यह उन लोगों में क्रॉस-रिएक्शन (ओरल एलर्जी सिंड्रोम) पैदा कर सकता है जिन्हें रबर/लेटेक्स से एलर्जी है. इसके सेवन से होंठ या मुंह में सूजन, खुजली, त्वचा पर चकत्ते, सांस लेने में तकलीफ (अस्थमा) जैसी समस्याएं हो सकती हैं, और गंभीर मामलों में एनाफिलेक्टिक शॉक भी हो सकता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

पपीता स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन अत्यधिक सेवन से ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा हो सकता है. इसलिए प्रति दिन लगभग आधा कप (100-150 ग्राम) या एक छोटी कटोरी ही सीमित मात्रा में खाना चाहिए. इसके अलावा, किसी भी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को चिकित्सक की सलाह के बिना पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए.

पपीता पाचन के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में या कुछ विशिष्ट खाद्यों जैसे दूध, दही, खट्टे फल और हाई-प्रोटीन फूड्स के साथ खाने पर यह पाचन समस्याएं पैदा कर सकता है. इससे दस्त, पेट में ऐंठन, ब्लोटिंग, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

अत्यधिक पपीता सेवन से गंभीर रक्त विकार हो सकते हैं. यह खून को बहुत पतला कर सकता है, जिससे रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है. विशेषकर उन लोगों के लिए जो वारफेरिन जैसी रक्त पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं. इसके अलावा, पपीता रक्त वाहिकाओं की परत को भी प्रभावित कर सकता है.

पपीता अधिकांश बीमारियों में फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसका सेवन नहीं करना चाहिए. साथ ही, अत्यधिक पपीता खाने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. इसलिए हमेशा चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही पपीते का सेवन करना चाहिए.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *