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बदलते मौसम के कारण मलेरिया और डेंगू का प्रकोप अधिक रहता है, जिससे लगातार बुखार आने के कारण प्लेटलेट्स कम होने लगती हैं और लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. आज हम आपको घरेलू उपायों के माध्यम से प्लेटलेट्स बढ़ाने के सरल और असरदार तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें सबसे पहले बकरी का दूध और पपीते के कोमल पत्तों का रस शामिल है. आइए जानते है इसके बारे में…
बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप अधिक रहता है, जिससे बीमारियां तेजी से बढ़ती हैं. लखीमपुर जनपद में इस समय डेंगू और मलेरिया का प्रकोप तराई इलाके में दिखाई दे रहा है, क्योंकि बरसात का पानी लगातार भरा हुआ है. इसके कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

बारिश के बाद जलभराव होने से पनपने वाले मच्छरों से इस गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. कमजोरी, बदन दर्द और बुखार जैसे प्रारंभिक लक्षणों के बाद यह बीमारी बढ़ती है. यदि इसका समय पर उपचार नहीं किया गया तो कई बार डेंगू जानलेवा भी हो सकता है.

डेंगू होने के बाद मरीज का प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगती है. प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए लोग एक-दूसरे को कई प्रकार के घरेलू उपाय भी सुझाते हैं, जो अक्सर फायदेमंद साबित होते हैं.

पपीता हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है. वहीं, पपीते के पत्तों का रस प्लेटलेट्स को बढ़ाने में मददगार साबित होता है. यह डेंगू के लक्षणों और खून को स्वस्थ बनाने में भी सहायक है. शरीर में प्लेटलेट्स कम होने पर पपीते के कोमल पत्तों का रस निकालकर सुबह और शाम एक चम्मच सेवन करना चाहिए.

पपीते के अलावा, बकरी का दूध प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने के लिए एक आसान और प्रभावी उपाय माना जाता है. इसमें सेलेनियम होता है, जो शरीर में ब्लड प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में मदद करता है. बकरी का दूध कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिसमें कैल्शियम, विटामिन बी, फास्फोरस और पोटैशियम शामिल हैं.

डेंगू होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इसलिए नारियल पानी पीने की सलाह दी जाती है. नारियल पानी में कई पोषक तत्व होते हैं, जिससे शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है. डेंगू में नारियल पानी पीने से प्लेटलेट्स बढ़ती हैं. इसके अलावा, डेंगू के दौरान ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने के लिए नारियल पानी को सबसे बेहतरीन उपाय माना जाता है.

गिलोय की बेल औषधीय गुणों से भरपूर होती है. इसके पत्ते पान के पत्तों के आकार के होते हैं और कई बीमारियों में औषधि के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है. गिलोय के पत्तों में कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस और स्टार्च भी पाया जाता है. इसके औषधीय गुण प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करते हैं.
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