Red Vs Chitra Rajma: राजमा-चावल का नाम सुनते ही कई लोगों के मुंह में पानी आ जाता है, लेकिन सच ये भी है कि हर बार राजमा वैसा नहीं बनता जैसा हम सोचते हैं. कभी दाने सख्त रह जाते हैं, तो कभी स्वाद फीका लगने लगता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है-आखिर बाजार में मिलने वाले लाल और चितरा राजमा में कौन सा बेहतर है? अक्सर लोग दुकान पर खड़े होकर कंफ्यूज हो जाते हैं कि कौन सा राजमा लें, जो जल्दी गल जाए और स्वाद भी बढ़िया दे, अगर आपने भी कभी ये दुविधा महसूस की है, तो ये जानकारी आपके काम की है. यहां हम आपको आसान भाषा में बताएंगे कि लाल और चितरा राजमा में क्या फर्क है, कौन सा जल्दी पकता है और खरीदते वक्त किन बातों पर ध्यान देना चाहिए.
राजमा की अलग-अलग किस्में
भारत में राजमा सिर्फ एक तरह का नहीं होता, बल्कि इसकी कई वैरायटी मिलती हैं. कुछ जगहों पर छोटे दाने वाला राजमा पसंद किया जाता है, तो कहीं बड़े दानों वाला ज्यादा चलता है. जम्मू का राजमा, कश्मीरी भद्रवाह राजमा, चितरा राजमा और लाल राजमा-ये कुछ सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली किस्में हैं. हर राजमा का अपना अलग टेक्सचर और स्वाद होता है. उदाहरण के लिए, पहाड़ी इलाकों में उगने वाला राजमा अक्सर ज्यादा फ्लेवरफुल माना जाता है, जबकि मैदानों में मिलने वाला राजमा थोड़ा हल्का स्वाद देता है. यही वजह है कि हर घर में राजमा का स्वाद थोड़ा अलग होता है.
लाल या चितरा: क्या है असली फर्क?
चितरा राजमा: रोज़मर्रा के लिए आसान विकल्प चितरा राजमा की पहचान उसके धब्बेदार लुक से होती है. इसमें हल्के लाल और सफेद रंग के पैटर्न दिखते हैं. ये साइज में थोड़ा छोटा होता है और पकाने में ज्यादा समय नहीं लेता. घर में जल्दी-जल्दी खाना बनाना हो, तो चितरा राजमा बढ़िया ऑप्शन है. ये जल्दी गल जाता है और इसका टेक्सचर मुलायम रहता है. कई लोग बताते हैं कि प्रेशर कुकर में 4-5 सीटी में ही ये अच्छे से तैयार हो जाता है.
लाल राजमा: स्वाद में दमदार लेकिन थोड़ा समय लेता है
लाल राजमा गहरे लाल रंग का होता है और थोड़ा सख्त भी. इसे पकाने में समय ज्यादा लगता है, लेकिन इसका स्वाद गहरा और रिच होता है. यही वजह है कि ढाबों और रेस्टोरेंट्स में अक्सर लाल राजमा ही इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, एक खास बात ये भी है कि जम्मू का छोटा लाल राजमा जल्दी पक जाता है और उसका स्वाद काफी अलग और अच्छा होता है, अगर आपको ढाबा स्टाइल राजमा पसंद है, तो ये आपके लिए बेहतर हो सकता है.
कौन सा राजमा जल्दी गलता है?
अगर सिर्फ जल्दी पकने की बात करें, तो चितरा राजमा साफ तौर पर आगे है. ये जल्दी नरम हो जाता है और ज्यादा मेहनत भी नहीं लगती. वहीं लाल राजमा को पकाने से पहले कम से कम 7-8 घंटे भिगोना जरूरी होता है, और पकाने में भी समय ज्यादा लगता है, अगर ठीक से नहीं पकाया गया, तो ये सख्त रह सकता है, जिससे खाने का मजा खराब हो जाता है.
खरीदते वक्त किन बातों का रखें ध्यान?
1. दानों की चमक देखें
अच्छा राजमा हमेशा हल्की चमक वाला होता है. बहुत ज्यादा सूखा या फीका दिखने वाला राजमा पुराना हो सकता है.
2. एक जैसा साइज चुनें
मिश्रित साइज के दाने लेने से कुछ जल्दी पकेंगे और कुछ देर से, जिससे टेक्सचर बिगड़ सकता है.
3. नया स्टॉक खरीदें
पुराना राजमा पकने में ज्यादा समय लेता है. कोशिश करें कि ताजा स्टॉक ही लें.
4. भिगोना न भूलें
राजमा चाहे कोई भी हो, उसे रातभर भिगोना बेहद जरूरी है. इससे वो जल्दी और अच्छी तरह गलता है.
असल में कौन सा राजमा है बेस्ट?
सीधी बात करें तो “बेस्ट” राजमा आपकी जरूरत और पसंद पर निर्भर करता है, अगर आप जल्दी खाना बनाना चाहते हैं और मुलायम टेक्सचर पसंद है, तो चितरा राजमा बेहतर रहेगा, लेकिन अगर आपको गाढ़ा, रिच और ढाबा स्टाइल स्वाद पसंद है, तो लाल राजमा आपकी पसंद बन सकता है.
दोनों ही तरह के राजमा पोषण से भरपूर होते हैं. इनमें प्रोटीन, आयरन और फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो शरीर के लिए फायदेमंद है.
राजमा चुनना कोई बड़ी बात नहीं है, बस थोड़ी सी समझ जरूरी है. चितरा राजमा जहां आसानी और जल्दी पकने के लिए जाना जाता है, वहीं लाल राजमा स्वाद में थोड़ा आगे रहता है. अगली बार जब आप बाजार जाएं, तो अपनी जरूरत के हिसाब से राजमा चुनें और इन छोटे-छोटे टिप्स को ध्यान में रखें-फिर आपका राजमा-चावल हर बार परफेक्ट बनेगा.
.