ज्यादा उम्र तक जीने की सीक्रेट जानते हैं आप? विज्ञान के हिसाब से जान लीजिए कैसे लंबी उम्र जिएं

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5 science-backed tips for longevity: ज्यादा उम्र तक जीने की चाहत है तो आप उसके लिए क्या करते हैं. कभी इसके लिए कोशिश की है. संभवतः अधिकांश लोग इसके लिए कोशिश नहीं करते. लेकिन सही दिनचर्या को अनुशासन के साथ अपनाकर आसानी से कोई हेल्दी और फिट रह सकता है और लंबी आयु भी जी सकता है. इसलिए यहां हम विज्ञान के हिसाब से लंबी उम्र और सेहतमंद रहने के लिए 5 उपाय बता रहे हैं.

लंबी उम्र का क्या है सीक्रेट.

5 science-backed tips for longevity: 30 साल की उम्र तक हर इंसान को यही लगता है वह हमेशा जवान रहेंगे. एक बार भी मन में नहीं आता कि हमें भी बुजुर्ग होना है लेकिन यह दुनिया नश्वर है. यहां जो आया है वो एक दिन जाएगा ही. पर क्यों न जितना दिन यहां रहा जाए उसे उत्सव के साथ जिया जाय. इसके लिए शरीर को जवान और सेहतमंद होना जरूरी है. मतलब यह कि हम जितने दिनों तक जिए क्यों न जवान बन के जिएं. इसके लिए आपको खास दिनचर्या का पालन करना होगा. हम यहां विज्ञान के हिसाब से बता रहे हैं कि कैसे कोई लंबी उम्र तक जी सकता है और सेहतमंद रह सकता है.

इन 5 टिप्स को दिनचर्या में शामिल करें

1. उपवास-टीओआई की खबर में कहा गया है कि लंबी जीवन के लिए उपवास बहुत जरूरी है. आजकल इसे इंटरमिटेंट फास्टिंग कहा जाता है. इसमें खाने को एक निश्चित समय तक सीमित किया जाता है और बाकी समय उपवास रहता है. यानी इसमें एक निश्चित समय 10 या 12 घंटे तक कुछ नहीं खाना होता है और फिर सीमित खाना होता है. यह शरीर में कोशिकाओं की मरम्मत की प्रक्रिया को तेज करता है और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है. वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग केवल वजन कम करने की तरकीब नहीं है, यह शरीर में सूजन कम करता है, कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान करता है और उम्र से जुड़ी कई समस्याओं की रफ्तार धीमी कर सकता है. फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया कि उपवास का पालन करने वाले लोगों में शारीरिक क्षमता और कोशिकाओं के कार्य में तेज सुधार देखा गया. इससे यह संकेत मिलता है कि फास्टिंग उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है और स्वस्थ जीवन के वर्षों को बढ़ा सकता है.

2. शरीर में हरकतें-हमेशा शरीर में हरकतें करना भी लंबी उम्र का सीक्रेट है. इसका मतलब है कि आप अपने शरीर को जितना एक्टिव रखेंगे, जितनी एक्सरसाइज करेंगे उतना फिट और लंबी उम्र पाएंगे. फिनलैंड में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते रहे, उनमें समय से पहले मौत का खतरा 24% कम हो गया. यह एंटी-एजिंग लाभ उन लोगों में ज्यादा देखा गया जो लगातार एक्सरसाइज कर रहे थे. कहा भी जाता है कि हरकत में ही बरकत है. एक्सरसाइज केवल केवल लंबी उम्र नहीं देती बल्कि सूजन कम करती है, कोशिकाओं की टूट-फूट धीमी करती है और मूड व दिमाग की ताज़गी बनाए रखती हैइसलिए रोज टहलें, स्ट्रेंथ-ट्रेनिंग करें और हल्का योग या स्ट्रेचिंग जैसी गतिविधियों को भी समय दें.

3. अच्छी नींद लें– रोज कम से कम 7 से 8 घंटे की सुकून की नींद लें. अच्छी और पूरी नींद जवान और स्वस्थ बने रहने की सबसे ज़रूरी शर्तों में से एक है. रिसर्च बताती है कि कम नींद लेने से बुढ़ापा तेजी से बढ़ता है. दरअसल, हमारी कोशिकाओं के केंद्र में डीएन होता है. उसके सिरों पर मौजूद कैप होता है जिसे टेलोमीअर्स कहते हैं. जब टेलोमीअर्स छोटे होने लगते हैं तब शरीर में सूजन बढ़ती है और कोशिकाएं बूढ़ी होने लगती हैं. अगर नींद की आदतें सुधारी जाएं तो यह टेलोमीअर्स जल्दी छोटे नहीं होते और इंसान की उम्र लंबी हो जाती है. इसलिए रोज सही समय पर सोएं. सोते समय स्क्रीन का इस्तेमाल न करें.

4. सामाजिक मेल-जोल-इसका मतलब है कि आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ जितना घुले-मिले रहेंगे उतना ही आपकी लंबी उम्र में ये योगदान दिया. समाज और परिवार के साथ दोस्ताना रिश्ता तनाव को होने नहीं देता और जब व्यक्ति में तनाव कम होगा तो सहज ही वह बीमारियों से बचा रहेगा और लंबी उम्र तक जिएगा. इसलिए दोस्तों और परिवार से जुड़े रहना सिर्फ मन को खुश नहीं करता बल्कि जीवन को लम्बा भी कर सकता है. 2024 की एक रिसर्च में पाया गया कि जो बुज़ुर्ग हर दिन किसी न किसी से बातें करते थे या मिलते थे, तो उनमें मौत का जोखिम उन लोगों की तुलना में कम था जो अकेले रहते थे या कम बात करते थे. यह असर 80-90 साल के लोगों में भी साफ दिखाई दिया.इसलिए समय निकालें और दोस्तों के साथ घूमे-फिरे और परिवार के साथ घुले-मिले रहें.

5. सुबह की धूप-धूप हमारे लिए बहुत जरूरी है. आप कहेंगे धूप में तो हमारा जाना-आना रहता ही है. नहीं, ऐसा नहीं है. पहले के लोग धूप में रहते थे आजकल हमारी दिनचया इतनी व्यस्त हो गई है कि हम धूप में नहीं रहते. कहीं निकलते भी हैं तो गाड़ी में निकलते हैं. काम सब चारदीवारी के अंदर करते हैं, इसलिए हमारे शरीर में धूप नहीं लगती. इससे हमारा सर्केडियन रिद्म बिगड़ जाता है. हमारी नींद, ऊर्जा और हार्मोन की जैविक घड़ी प्राकृतिक रोशनी से ही सबसे ज़्यादा प्रभावित होती है. इसलिए सुबह उठने के बाद थोड़ी देर धूप में जाना, इस घड़ी को रीसेट करता है जिससे नींद बेहतर होती है, मेटाबॉलिज़्म सुधरता है और इम्यूनिटी मजबूत रहती है.

Lakshmi Narayan

Excelled with colors in media industry, enriched more than 19 years of professional experience. Lakshmi Narayan is currently leading the Lifestyle, Health, and Religion section at News18. His role blends in-dep…और पढ़ें

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