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Knowledge: हम में से शायद ही किसी ने ध्यान दिया होगा, हमारे आसपास एक ऐसा फूल उगता है, जो देखने में सुंदर तो है ही उसकी महक दीवाना बना देती है. लेकिन, इस फूल पर भंवरा ही नहीं, तितली और मधुमक्खी भी नहीं बैठती. रीवा उद्यानिकी विभाग की अधिकारी का दावा आपको हैरान कर देगा. जानें…
Ajab Gajab News: फूल सिर्फ खुशबू के लिए ही नहीं, बल्कि सुंदरता के लिए भी जाने जाते हैं. पूजा से लेकर घर की सजावट तक में फूलों का इस्तेमाल किया जाता है. हमारे आसपास कई तरह के फूल उगते हैं जो देखने में काफी खूबसूरत होते हैं, एक नजर में मन मोह लेते हैं. फूलों में मीठा पराग होता है, जो तितली और भंवरों को आकर्षित करता है. लगभग सभी रसभरे या महक वाले फूलों पर भंवरे बैठते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि एक फूल ऐसा भी है, जिस पर भंवरा बैठता ही नहीं.
रीवा उद्यानिकी में पदस्थ प्रभारी अधीक्षक छवि केसरी कहती हैं कि फूल सिर्फ इंसान ही नहीं, जीवों को काफी पसंद होते हैं, इसलिए फूलों पर तितली और भंवरे मंडराते रहते हैं. अभी तक तो हम फूलों को उनकी खूबसूरती, सजावट और खुशबू से पहचानते हैं, लेकिन क्या दुनिया में एक ऐसा भी फूल है, जिसपर कभी भंवरा नहीं बैठता. यह फूल हमारे आसपास ही उगता है, लेकिन शायद ही कोई इस ओर ध्यान दे पता है. खास बात ये कि ये फूल खूब महकता है और देखने में सुंदर भी है, फिर भी भंवरा इससे दूर रहता है.
महक, सुदंर फिर भी भंवरा इससे दूर
अक्सर आपने देखा होगा कि भंवरे ज्यादातर फूलों पर ही पाए जाते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भंवरे चंपा के फूल पर कभी नहीं बैठते. छवि केसरी ने दावा किया कि चंपा के फूलों में एक अलग तरह की गंध होती है और इसके फूलों में पराग नहीं होता, जिसके कारण भंवरे इनके आसपास भी नहीं भटकते. सिर्फ भंवरे ही नहीं, चंपा के फूलों के पास ततैया, मधुमक्खियां भी नहीं आतीं. चंपा के फूलों की खास बात ये कि इसका पौधा हमेशा हराभरा रहता है. ये फूल मुख्यत: 5 प्रकार के होते हैं और सभी फूल बेहद सुगंधित होते हैं.
इस फूल की खासियत
चंपा के फूल अक्सर पूजा में उपयोग किए जाते हैं. इतना ही नहीं चंपा के फूलों का तेल और इत्र भी बनता है. इसके फूल और वृक्षों का उपयोग औषधि के रूप में भी होता है. कहा जाता है कि चंपा का पौधा वास्तु की दृष्टि से सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. इतना उपयोगी होने के बावजूद इस फूल पर भंवरा, मधुमक्खी, तितली नहीं बैठती.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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