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Areca nut or supari khane ke nuksan: अध्ययनों के मुताबिक, सुपारी का इस्तेमाल दिल की बीमारियों, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और मोटापे से जुड़ा हुआ है. तंबाकू के साथ सुपारी खाना और भी ज्यादा खतरनाक है. इससे पैदा होने वाले बच्चों का वजन कम हो सकता है. जो लोग हमेशा सुपारी चबाते हैं उन्हें मसूड़ों में सूजन, दांतों का टूटना और दांतों का रंग हमेशा के लिए लाल या काला हो सकता है.
सुपारी (Areca nut) का हमारे देश में बहुत महत्व है, जो पोका पेड़ से मिलती है. पान के साथ सुपारी का सेवन खूब किया जाता है. हिंदू परंपरा में पूजा, शादी और शुभ कामों में सुपारी के बिना कोई काम नहीं होता. रंग बनाने और कुछ दवाइयों में भी इसका इस्तेमाल होता है. सुपारी पाउडर भी हमारे देश में काफी फेमस है, लेकिन ये सब सिक्के का एक ही पहलू है.

बहुत लोग नशे के लिए मुंह में सुपारी डालकर चबाते हैं. इसे छोटे टुकड़ों में काटकर, चूना लगाकर पान के पत्ते में लपेटकर खाते हैं. इसे ही पान कहते हैं. स्वाद के लिए इसमें तंबाकू या दूसरे खुशबूदार चीजें भी मिलाते हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि ज्यादा सुपारी चबाना सेहत के लिए खतरनाक है.

खतरनाक नशे का पदार्थ कई देशों में सुपारी को नशे के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. दक्षिण, दक्षिण-पूर्व एशिया और पैसिफिक देशों में इसका इस्तेमाल कई सौ सालों से हो रहा है. गुआम जैसे द्वीपों में 2,000 साल पहले भी इसका इस्तेमाल होने के सबूत मिले हैं. पीढ़ियों से चली आ रही सुपारी चबाने की आदत..
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आज दुनिया की आबादी में करीब 10-20 प्रतिशत लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, करीब 60 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में सुपारी का सेवन करते हैं. निकोटीन, शराब और कैफीन के बाद यह दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला चौथा नशा है.

कई लोग इंस्टेंट एनर्जी के लिए सुपारी चबाते हैं. इसमें मौजूद नेचुरल अल्कलॉइड्स एड्रेनालिन रिलीज करते हैं, जिससे जोश और खुशी महसूस होती है. मुंह सूखना, पाचन की समस्या जैसी छोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स वाले लोगों को यह अच्छा लगता है ऐसा कहा जाता है.

आयुर्वेद के मुताबिक, सुपारी का पाउडर बहुत कम मात्रा में इस्तेमाल करने से पेट के कीड़े मर सकते हैं, लेकिन मेडिकल तौर पर इसके फायदे बहुत कम हैं. वो भी पूरी तरह से वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हुए हैं. इसे खाने की आदत लगने का खतरा रहता है और रिसर्च में भी बताया गया है कि सुपारी चबाने से नुकसान ज्यादा होते हैं और फायदे कम हैं.

WHO ने सुपारी को एक कार्सिनोजेन यानी कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ बताया है. इससे मुंह का कैंसर और खाने की नली का कैंसर होने का खतरा रहता है. जो लोग सुपारी चबाने के आदि हैं, उन्हें ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस (OSMF) नाम की बीमारी हो सकती है. इससे मुंह के अंदर का हिस्सा सख्त हो जाता है और आखिर में जबड़ा भी हिलाना मुश्किल हो जाता है. यह बीमारी ठीक नहीं होती.

अध्ययनों के मुताबिक, सुपारी का इस्तेमाल दिल की बीमारियों, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और मोटापे से जुड़ा हुआ है. तंबाकू के साथ सुपारी खाना और भी ज्यादा खतरनाक है. इससे पैदा होने वाले बच्चों का वजन कम हो सकता है. जो लोग हमेशा सुपारी चबाते हैं उन्हें मसूड़ों में सूजन, दांतों का टूटना और दांतों का रंग हमेशा के लिए लाल या काला हो सकता है. इसी वजह से सरकारें सुपारी से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठा रही हैं.
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