खून की कमी से परेशान! बस 7 दिन करें ये 3 योगासन, खुद महसूस करेंगे फर्क

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Yoga Health Benefits: एनीमिया यानी खून की कमी आज के समय में आम समस्या बन चुकी है, खासकर महिलाओं में. शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने से थकान, कमजोरी और चेहरे पर पीलापन जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं. लेकिन योगाभ…और पढ़ें

ऋषिकेश: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में खून की कमी यानी एनीमिया एक आम समस्या बन चुकी है. खासकर महिलाओं में यह समस्या ज़्यादा देखने को मिलती है. शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम होने से थकान, कमजोरी, चक्कर आना और चेहरे पर पीलापन जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं. डॉक्टरों की सलाह के साथ-साथ अगर नियमित रूप से योगाभ्यास (Yoga Benefits) किया जाए तो खून की कमी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. योग शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है और पाचन तंत्र को मज़बूत करता है, जिससे आयरन और अन्य पोषक तत्व अच्छे से अवशोषित हो पाते हैं.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान योगा ट्रेनर गोकुल बिष्ट ने बताया कि खून की कमी से लड़ने में संतुलित आहार और दवाइयों के साथ योगासन भी अहम भूमिका निभाते हैं. वज्रासन, बालासन और भुजंगासन जैसे आसनों का नियमित अभ्यास शरीर को भीतर से मज़बूत बनाता है और रक्त निर्माण की प्रक्रिया को तेज करता है. रोज़ाना कुछ ही मिनट इन आसनों को करने से धीरे-धीरे एनीमिया जैसी समस्या से राहत मिल सकती है और शरीर ऊर्जावान महसूस करता है. इन सभी योगाभ्यास से आपको एक हफ़्ते में ही फर्क महसूस होने लगेगा.

वज्रासन (Vajrasana) के फायदे
वज्रासन को भोजन के बाद करने वाला एकमात्र आसन माना जाता है और इसे डायमंड पोज़ भी कहा जाता है. वज्रासन करने से पाचन तंत्र मज़बूत होता है और शरीर में खून का संचार बेहतर तरीके से होता है. जब पाचन अच्छा होगा तो आयरन और फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्व शरीर द्वारा अच्छे से अवशोषित होंगे. इस आसन को करने के लिए घुटनों के बल बैठें, एड़ी पर शरीर का भार डालें और रीढ़ सीधी रखें. कुछ देर गहरी सांस लेते हुए इस मुद्रा में रहें.

बालासन (Balasana) के फायदे
बालासन को शिशु आसन भी कहा जाता है. यह आसन मन को शांति देता है और थकान दूर करता है. बालासन करते समय शरीर रिलैक्स होता है और खून का प्रवाह संतुलित रूप से पूरे शरीर में पहुंचाता है. यह आसन लिवर और किडनी को भी मज़बूत करता है, जो खून की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करता है. बालासन करने के लिए वज्रासन की स्थिति में बैठकर आगे झुकें और माथे को ज़मीन से लगाएं. दोनों हाथ आगे फैलाएं या शरीर के साथ रखें. यह मुद्रा तनाव भी दूर करती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से खून की कमी में राहत देती है.
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भुजंगासन (Bhujangasana) के फायदे
भुजंगासन को कोबरा पोज़ भी कहा जाता है. यह आसन रीढ़ की हड्डी और फेफड़ों को मज़बूत करता है. इसे करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा संतुलित रहती है. अधिक ऑक्सीजन मिलने से रक्त शुद्ध होता है और हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ाने में मदद मिलती है. इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं, हथेलियां कंधों के पास रखें और धीरे-धीरे छाती ऊपर उठाएं. इस दौरान गहरी सांस लें और कुछ सेकंड तक इस मुद्रा में रहें. भुजंगासन ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में बेहद असरदार है.

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