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Worst Foods for Uric Acid: यूरिक एसिड एक गंभीर समस्या है, जो समय रहते कंट्रोल न की जाए, तो गठिया, जोड़ों का दर्द और किडनी संबंधी बीमारियां पैदा हो सकती हैं. यूरिक एसिड बढ़ने की बड़ी वजह गलत खानपान भी होता है. रेड मीट, सीफूड, बीयर, ऑर्गन मीट, शुगरी ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड्स यूरिक एसिड को तेजी से बढ़ाते हैं. इन फूड्स में ज्यादा मात्रा में प्यूरीन होता है, जो शरीर में यूरिक एसिड के निर्माण को बढ़ा देता है. ऐसे में इन फूड्स से दूरी बनाने में ही भलाई है.

रेड मीट (Red Meat) – मायोक्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक रेड मीट में प्यूरीन की मात्रा बहुत अधिक होती है. जब ये प्यूरीन शरीर में पचते हैं, तो इनसे यूरिक एसिड बनता है. यूरिक एसिड अगर किडनी से पूरी तरह बाहर न निकले, तो यह खून में जमा होकर गाउट (gout) या जोड़ों के दर्द की वजह बनता है. रेड मीट के नियमित सेवन से यूरिक एसिड बहुत तेजी से बढ़ सकता है, जिससे मरीज को सूजन, अकड़न और असहनीय दर्द हो सकता है. यूरिक एसिड के मरीजों को रेड मीट नहीं खाना चाहिए.

सीफूड (Seafood) – कुछ मछलियां जैसे सार्डिन, ऐन्कोवी, मैकेरल और झींगा में भी प्यूरीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. ये भी शरीर में यूरिक एसिड को बढ़ाते हैं. जिन लोगों को पहले से यूरिक एसिड की समस्या है, उनके लिए सीफूड का सेवन गठिया को और बढ़ा सकता है. खासकर सर्दियों में जब सीफूड का सेवन बढ़ता है, उस समय यूरिक एसिड के मरीजों की हालत और भी खराब हो सकती है. अगर कभी खाएं भी, तो मात्रा बेहद सीमित रखें और डॉक्टर की सलाह लें.

बीयर और शराब (Alcohol) – बीयर और शराब यूरिक एसिड की दुश्मन हैं. बीयर में न केवल प्यूरीन पाया जाता है, बल्कि यह शरीर की किडनी से यूरिक एसिड निकालने की क्षमता को भी कम कर देती है. इससे शरीर में यूरिक एसिड जमा होता जाता है और गठिया के लक्षण और बढ़ जाते हैं. शराब लिवर पर भी दबाव डालती है, जिससे मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है. यूरिक एसिड के मरीजों को खासतौर पर बीयर और हार्ड लिक्वर से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए.

ऑर्गन मीट (Organ Meat) – एनमिल्स के लिवर, ब्रेन, किडनी को ऑर्गन मीट कहा जाता है. इनमें प्यूरीन की मात्रा सबसे ज्यादा पाई जाती है. ये चीजें शरीर में यूरिक एसिड को रॉकेट की रफ्तार से बढ़ा सकती हैं. अगर कोई यूरिक एसिड से पीड़ित है और ये खाद्य पदार्थ खाता है, तो बहुत जल्दी उसे जोड़ों में दर्द, सूजन और चलने-फिरने में तकलीफ होने लगती है. इसलिए डॉक्टर और विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऑर्गन मीट पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए.

शुगरी ड्रिंक्स (Sugary Drinks) – कोल्ड ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और फ्रूट जूस यूरिक एसिड को तेजी से बढ़ाते हैं. फ्रुक्टोज सीधे लिवर में मेटाबॉलिज़ होता है और यूरिक एसिड का स्तर ऊपर ले जाता है. इन ड्रिंक्स में पोषण बिल्कुल नहीं होता और ये सिर्फ ब्लड शुगर और यूरिक एसिड दोनों को बिगाड़ते हैं. जो लोग डायबिटीज और यूरिक एसिड दोनों से परेशान हैं, उनके लिए ये ड्रिंक्स और भी खतरनाक हो सकती हैं. इनकी जगह नारियल पानी, सादा पानी या नींबू पानी लें.

ज्यादा दालें और बीन्स (Pulses & Beans) – अधिकांश दालें फायदेमंद होती हैं, लेकिन कुछ दालें जैसे राजमा, चना, छोले और सोयाबीन में प्यूरीन ज्यादा पाया जाता है. ये हाई-प्रोटीन फूड्स यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकते हैं. अगर इनका सेवन जरूरत से ज्यादा किया जाए, तो समस्या बढ़ सकती है. हालांकि पूरी तरह इनसे बचना नहीं है, लेकिन सीमित मात्रा में और संतुलन के साथ लेना जरूरी है. प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने के लिए दालों के साथ-साथ सब्जियां भी खाएं.

ज्यादा चाय-कॉफी (Excess Tea & Coffee) – चाय और कॉफी में कैफीन होता है, जो यूरिनेशन को बढ़ाकर शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है. इससे यूरिक एसिड की निकासी धीमी हो जाती है और वह शरीर में जमा होने लगता है. हालांकि सीमित मात्रा में कैफीन नुकसान नहीं करता, लेकिन अत्यधिक सेवन जैसे दिन में 4–5 कप या उससे ज्यादा पीने से दिक्कत हो सकती है. यूरिक एसिड के मरीजों को दिन में 1–2 कप से ज्यादा चाय या कॉफी नहीं लेनी चाहिए.

प्रोसेस्ड और बेक्ड फूड्स (Processed & Baked Foods) – बिस्किट, कुकीज, नमकीन, बेकरी प्रोडक्ट्स और पैकेज्ड स्नैक्स में ट्रांस फैट, हिडन शुगर, प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं. इससे यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है. साथ ही ये फूड्स वजन बढ़ाते हैं, जो पहले से ही यूरिक एसिड से परेशान लोगों के लिए एक और खतरा है. इनकी जगह घर का ताजा बना खाना, फल और सब्जियां बेहतर विकल्प हैं.