जरूरत की खबर- पीरियड्स में न खाएं स्पाइसी फूड्स: बढ़ सकते हैं क्रैंप्स और ब्लोटिंग, डॉक्टर से जानें पीरियड्स में कैसी हो डाइट

5 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई फिजिकल और हाॅर्मोनल बदलाव होते हैं, जो दर्द, थकान और पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बनते हैं। ऐसे में सही डाइट न केवल इन समस्याओं को कम करती है, बल्कि एनर्जी और संतुलन भी बनाए रखती है।

हालांकि इस दौरान अक्सर महिलाओं को चटपटा या मसालेदार खाने का मन करता है। लेकिन इस विषय पर कई तरह की भ्रांतियां हैं कि पीरियड्स में मसालेदार खाना सही है या नहीं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, पीरियड्स के दौरान ज्यादा स्पाइसी फूड से बचना चाहिए क्योंकि यह पेट की जलन, सूजन और क्रैंप्स को बढ़ा सकता है।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम बात करेंगे कि महिलाओं को पीरियड्स के दौरान कौन सी चीजें खानी और कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए। साथ ही जानेंगे कि स्पाइसी फूड पीरियड्स और पाचन तंत्र को किस तरह प्रभावित कर सकता है।

एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, न्यूट्रिशनिस्ट और ‘वनडाइटटुडे’ की फाउंडर

सवाल- क्या पीरियड्स के दौरान स्पाइसी फूड खाना सही है?

जवाब- न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह पाचन संबंधी समस्याओं और इंफ्लेमेशन को बढ़ा सकता है। अगर आपको स्पाइसी खाना पसंद ही है तो संतुलित मात्रा में इसका सेवन कर सकती हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने शरीर की सुनें। अगर स्पाइसी फूड से किसी भी तरह की परेशानी होती है तो इसे बिल्कुल भी न खाएं। इसके बजाय हेल्दी और संतुलित डाइट लें, जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी शामिल हो।

सवाल- स्पाइसी फूड पीरियड्स और पाचन तंत्र को किस तरह प्रभावित कर सकता है?

जवाब- मसालेदार खाने में कैप्साइसिन (capsaicin) होता है। ये मिर्च में पाया जाने वाला एक तत्व है, जो इसे तीखा बनाता है। यह शरीर के हीट रिसेप्टर्स को एक्टिव करता है, जिससे ये महसूस होता है कि शरीर ज्यादा गरम हो रहा है। इस वजह से शरीर से पसीना निकलता है और ये मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर ब्लड फ्लो को भी प्रभावित कर सकता है।

वहीं पीरियड्स के दौरान पेट और डाइजेस्टिव सिस्टम थोड़े सेंसिटिव हो जाते हैं। ऐसे में ज्यादा स्पाइसी फूड्स खाने कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- स्पाइसी खाना पसंद है, लेकिन किसी भी परेशानी से बचना है तो क्या विकल्प हो सकते हैं?

जवाब- इसके लिए आप हल्के और नेचुरल फ्लेवर वाले विकल्प अपना सकती हैं, जो स्वाद भी दें और पाचन पर असर न डालें। जैसेकि-

हरी मिर्च: बिना ज्यादा जलन के स्वाद देती है। चटनी या सलाद में डालकर खा सकती हैं।

अदरक: पाचन को शांत करती है और उल्टी जैसी समस्या कम करती है। इसे खाना पकाते समय या अदरक की चाय बनाकर इस्तेमाल करें।

हल्दी: एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से क्रैंप्स में राहत देती है। दाल, सब्जी या हल्दी वाला दूध बनाकर ले सकती हैं।

धनिया और पुदीना: पाचन को सपोर्ट करते हैं और ब्लोटिंग कम करते हैं। चटनी, रायता या सलाद में इस्तेमाल करें।

ये विकल्प स्वाद बनाए रखते हुए पीरियड्स के दौरान पाचन को सुरक्षित रखते हैं।

सवाल- क्या पीरियड्स में मसालेदार खाना पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए?

जवाब- डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि हर महिला का शरीर अलग प्रतिक्रिया देता है। कुछ को इससे कोई परेशानी नहीं होती है, जबकि कुछ को थोड़ी सी मिर्च से ही असहजता हो सकती है। इसलिए हमेशा इसकी मात्रा और अपनी शरीर की सहनशीलता पर ध्यान दें। अगर स्पाइसी फूड लक्षणों को बढ़ा रहा है तो इसे न खाएं या हल्के मसाले का विकल्प अपनाएं।

सवाल- पीरियड्स के दौरान महिलाओं को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

जवाब- पीरियड्स के दौरान महिलाओं के लिए सही डाइट लेना बहुत जरूरी होता है। यह दर्द, थकान और मूड स्विंग्स को कम करने में मदद करता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- क्या पीरियड्स के दौरान हर्बल चाय पीना फायदेमंद है?

जवाब- हां, पीरियड्स के दौरान हर्बल चाय पीना फायदेमंद हो सकता है। यह न केवल शरीर को हाइड्रेटेड रखती है, बल्कि ऐंठन, दर्द और सूजन कम करने में भी मदद करती है। जैसेकि-

  • अदरक की चाय पेट की मांसपेशियों को आराम देती है और मतली या अपच जैसी समस्याओं को कम करती है।
  • पुदीना की चाय पाचन को सुधारती है और ब्लोटिंग कम करती है।
  • हल्दी वाली चाय एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से क्रैंप्स और सूजन को कम करती है।
  • कैमोमाइल चाय तनाव और नींद की समस्या को कम करके शरीर को रिलैक्स करती है।

ध्यान रखें हर्बल चाय को बिना ज्यादा चीनी या अन्य एडिटिव्स के लेना बेहतर होता है।

सवाल- पीरियड्स में हल्का और सुपाच्य खाना क्यों जरूरी है?

जवाब- डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि हैवी, ऑयली या स्पाइसी फूड्स पेट पर दबाव डालते हैं, जिससे डाइजेस्टिव प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। वहीं हल्का खाना आसानी से पचता है और पेट को आराम देता है।

इसके अलावा यह शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट्स देता है और थकान कम करता है। इसलिए पीरियड्स के दौरान दलिया, खिचड़ी, उबली सब्जियां, सूप या हल्की दाल जैसी चीजें खाने से पेट में भारीपन नहीं होता और शरीर को एनर्जी मिलती रहती है।

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