How To Make Chana Sattu At Home : गर्मियों का मौसम आते ही उत्तर भारत के घरों में एक चीज की मांग सबसे ज्यादा बढ़ जाती है सत्तू. इसे ‘गरीबों का बादाम’ और ‘देसी हॉर्लिक्स’ भी कहा जाता है. चाहे सत्तू का ठंडा शरबत हो, लिट्टी का मसाला हो या सत्तू के परांठे, यह स्वाद और सेहत का बेजोड़ मिक्सचर है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद सत्तू में अक्सर मकई या घटिया दर्जे के अनाजों की मिलावट होती है? अपनी सेहत से समझौता क्यों करना, जब आप इसे बेहद आसानी से घर पर ही तैयार कर सकते हैं. आइए जानते हैं शुद्ध सत्तू बनाने का पारंपरिक और आसान तरीका.
सत्तू क्या है और यह क्यों जरूरी है?
सत्तू असल में भुने हुए अनाजों (मुख्य रूप से जौ, चने या गेहूं) को पीसकर बनाया गया आटा है. यह प्रोटीन का पावरहाउस है और फाइबर से भरपूर होने के कारण पेट को लंबे समय तक भरा रखता है. आयुर्वेद के अनुसार, सत्तू की तासीर ठंडी होती है, जो लू और चिलचिलाती गर्मी से शरीर की रक्षा करती है.
सामग्री (Ingredients)
चना : 1 किलो
पानी: अनाज को भिगोने के लिए
बर्तन: एक भारी तले वाली कड़ाही या ओवन
मिक्सर ग्राइंडर और एक बारीक छलनी
स्टेप-बाय-स्टेप बनाने की विधि-
स्टेप 1: सफाई कर ऐसे भिगोएं (Soaking)
सबसे पहले काले चने को अच्छे से साफ कर लें ताकि उसमें कंकड़ न रहें. अब इसे पर्याप्त पानी में 4 से 6 घंटे या पूरी रात के लिए भिगो दें. भिगोने से अनाज के दाने फूल जाते हैं और भूनने पर वे अंदर तक कुरकुरे होते हैं.
घर पर बना सत्तू न केवल सस्ता पड़ता है, बल्कि इसकी शुद्धता की 100% गारंटी होती है.
स्टेप 2: छानें और सुखाएं (Drying)
भिगोने के बाद सारा पानी छान लें. अब इन दानों को एक सूती कपड़े या पेपर टॉवल पर फैला दें. इसे पंखे की हवा में या हल्की धूप में तब तक सुखाएं जब तक कि ऊपरी नमी पूरी तरह खत्म न हो जाए. दाने छूने में सूखे लगने चाहिए.
स्टेप 3: भूनने की प्रक्रिया (Roasting)
यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है. खुशबू और सोंधापन यहीं से आता है. अगर आप कड़ाही में बना रहे हैं तो मध्यम आंच पर एक भारी कड़ाही गर्म करें. थोड़े-थोड़े दाने डालकर उन्हें लगातार चलाते रहें. 20 से 25 मिनट में दाने चटकने लगेंगे और उनका रंग सुनहरा हो जाएगा. अगर आप ओवन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इसे 180°C पर प्रीहीट करें और ट्रे में अनाज फैलाकर 20-25 मिनट तक रोस्ट करें.
बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद सत्तू में अक्सर घटिया क्वालिटी के अनाजों की मिलावट होती है.
स्टेप 4: ठंडा करें और पीसें (Grinding)
भुने हुए अनाज को एक बड़ी परात में निकालें और पूरी तरह ठंडा होने दें. ध्यान रहे, गर्म अनाज पीसने से नमी पैदा हो सकती है, जिससे सत्तू जल्दी खराब हो जाएगा. ठंडा होने पर इसे मिक्सर ग्राइंडर में डालकर बारीक पाउडर बना लें.
स्टेप 5: छानें और स्टोर करें (Storage)
तैयार पाउडर को एक बारीक छलनी से छान लें ताकि कोई मोटा दाना या छिलका अलग हो जाए. अब इस शुद्ध सत्तू को एक एयरटाइट कंटेनर में भर लें. यह घर का बना सत्तू 6 महीने तक खराब नहीं होता.
जरूरी टिप्स-
-बेहतरीन स्वाद और ज्यादा पोषण के लिए जौ, गेहूं और भुने हुए काले चने को बराबर मात्रा में मिलाकर पीसें.
-अगर आप केवल शरबत के लिए सत्तू बना रहे हैं, तो पीसते समय इसमें थोड़ा भुना जीरा और काला नमक भी मिला सकते हैं.
-इस सत्तू का उपयोग आप परांठे की स्टफिंग, कचौड़ी या सुबह के नाश्ते में ‘सत्तू ड्रिंक’ के रूप में कर सकते हैं.
घर पर बना सत्तू न केवल सस्ता पड़ता है, बल्कि इसकी शुद्धता की 100% गारंटी होती है. तो इस गर्मी, बाजार के मिलावटी पाउडर को छोड़ें और खुद अपने हाथों से बना यह ‘देसी सुपरफूड’ अपनाएं.
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