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stomach clear kaise kare: पेट साफ न होने की समस्या आजकल अधिकांश लोगों की है. कई लोगों को पूरे सप्ताह भर तक पेट साफ नहीं रहता. ऐसे लोगों के लिए यहां गजब का घरेलू नुस्खा बताया जा रहा है.
पेट साफ करने का अचूक उपाय. पेट साफ करने का पहला नियम
संत प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि भोजन अमृत भी है और जहर भी. आप इसे किस तरह लेते हैं, इसी में इसका परिणाम छुपा है. अगर आप रसेद्रियों के वशीभूत होकर कुछ भी खाते रहते हैं तो इससे आपका पेट कभी साफ नहीं रहेगा. गरिष्ठ भोजन आपके पट को खराब करेगा. साथ ही मन को भी खराब करेगा. इसलिए पेट को साफ करने का सबसे पहला नियम है कि पेट में जितनी जगह है, उसमें आधे हिस्से को भोजन से भरें. इसके बाद जो आधा बच जाता है उसमें आधे को पानी से भरें और आखिर में आधे का आधा जो बच जाता है उसमें खाली छोड़ दें ताकि वायु अपना काम कर सके. इसका सीधा सा मतलब ज्यादा खाना न खाएं. जितनी भूख हो उससे कम खाएं और पौष्टिक खाएं.
अगर पेट साफ न हो तो क्या करें
संत प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि अगर आप सात्विक भोजन करेंगे तो इस बात की पूरी उम्मीद है कि आपका पेट साफ होगा ही. लेकिन अगर किसी कारण पेट साफ नहीं हो पा रहा है तो इसके लिए शास्त्रो में दिए गए उपाय है. इसके लिए आप सुबह उठें तो सबसे पहले गुनगुना पानी को धीरे-धीरे पिएं. इसके बाद व्यायाम करें और योग करें. इसके बाद रात में गर्म पानी कर लें और उसमें छोटी हरड़ को मिला दें और इसे गुनगुना कर पी जाएं. कुछ दिन ऐसा करें एकदम पेट साफ हो जाएगा. हरड़ के अलावा आप इसबगोल की भूसी को पानी में मिलाकर पी सकते हैं. ऐसा एक महीने तक करें. निश्चित रूप से पेट साफ हो जाएगा. इन दिनों में कम से कम रोत 3 लिटर पानी पिएं. रोज सुबह में शौच करने के बाद आधा लिटर गुनगुना पानी पिएं. हालांकि ध्यान रखें. सात्विक भोजन नहीं करेंगे तो इसका कोई फायदा नहीं है. सात्विक भोजन में आप साग-सब्जी का सेवन ज्यादा करें. इसके बाद रोज व्यायाम करें. जितना पैदल चलेंगे उतना फायदा होगा.
पेट खराब ही न हो, इसके लिए क्या करें
अगर पेट खराब हो जाए तो उपर बता ही दिया गया है कि क्या करें लेकिन पेट कभी खराब ही न हो, इसके लिए क्या करना चाहिए. प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि हर रोज सुबह उठकर वज्रासन मुद्रा में बैठ जाएं. 10 से 15 मिनट तक इसी मुद्रा में बैठे रहें और धीरे-धीरे पानी पिएं. इसके बाद आपका पेट खुलकर साफ हो जाएगा. इसके बाद व्यायाम करें और फिर अंकुरित चीजों से नाश्ता करें और दिन में सात्विक भोजन करें. गरिष्ठ भोजन न करें. अगर आप इस नियम को अपनाते हैं तो पेट खराब होने की नौबत ही नहीं आएगी. यह भी ध्यान रखें कि दिन में कम से कम तीन लिटर पानी अवश्य पिएं. पानी पर्याप्त पिएंगे तो आंतों में गंदगी बनेगी ही नहीं. जितना अधिक मल हार्ड होगा उतना अधिक पेट में गंदगी भरगी. हमेशा कब्ज रहेगी. इसलिए खूब पानी पिएं. जब पेट साफ रहेगा तो मन भी साफ रहेगा और आपका चेहरा कमल के फूल की तरह खिलेगा.
Excelled with colors in media industry, enriched more than 18 years of professional experience. L. Narayan contributed to all genres viz print, television and digital media. He professed his contribution in the…और पढ़ें
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