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Kajal Myths vs Facts: कई लोग मानते हैं कि काजल लगाने से बच्चों की आंखें बड़ी हो जाती हैं, लेकिन डॉक्टर्स की मानें तो यह सिर्फ गलतफहमी है. काजल आंखों के आकार को नहीं बदल सकता है, बल्कि इससे जलन, एलर्जी, संक्रमण और लेड पॉइजनिंग जैसे खतरे बढ़ सकते हैं. नवजात बच्चों की आंखें बहुत सेंसिटिव होती हैं, जिसकी वजह से उनकी आंखों में काजल नहीं लगाना चाहिए. मेडिकल साइंस बच्चों को काजल लगाने की सलाह नहीं देता है.
Is Kajal Safe for Newborns: भारत में काजल लगाने की परंपरा पुरानी है. बड़े-बुजुर्ग अक्सर छोटे बच्चों के काजल लगाने की सलाह देते हैं. उनका मानना है कि काजल लगाने से बच्चे की आंखें बड़ी हो सकती हैं. कुछ लोग इसे नजर न लगे या धूल से बचाव का तरीका भी मानते हैं. हालांकि कई लोग बच्चों की आंखों में काजल लगाने से बचते हैं. अब सवाल है कि क्या वाकई काजल लगाने से बच्चे की आंखें बड़ी होती हैं या सिर्फ एक मिथक है? इसके अलावा सवाल यह भी है कि छोटे बच्चों की आंखों में काजल लगाना चाहिए या नहीं? चलिए इस बारे में डॉक्टर की राय जान लेते हैं.
नई दिल्ली के विजन आई सेंटर के मेडिकल डायरेक्टर और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तुषार ग्रोवर ने News18 को बताया कि बच्चों की आंखों में काजल बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए. काजल लगाना आंखों के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता है और इससे कई तरह की समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा काजल लगाने से बच्चों की आंखों का साइज नहीं बढ़ता है. यह सिर्फ लोगों की गलतफहमी है, जो सदियों से चली आ रही है. काजल और आंखों के साइज का कोई लेना-देना नहीं है. लोगों को बच्चों की आंखें बड़ी करने के मिथक से बचना चाहिए. इससे छोटे बच्चों की आंखों को नुकसान हो सकता है.
क्या घर का बना काजल बच्चों के लिए सुरक्षित है?
डॉक्टर ग्रोवर ने बताया कि अधिकतर लोग सोचते हैं कि घर में बना हुआ काजल बच्चों की आंखों के लिए सुरक्षित होता है, लेकिन घर पर बना काजल भी आंखों के लिए फायदेमंद नहीं होता है. इसके अलावा बाजार में मिलने वाले कई काजल में लेड, कार्बन, परफ्यूम और केमिकल प्रिजर्वेटिव्स पाए जाते हैं, जो बच्चे की आंखों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं. केमिकल वाला काजल लगाने से बच्चे की आंखों में जलन, एलर्जी, लालपन, पानी आना, संक्रमण का खतरा और कॉर्निया से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. बच्चों की आंखों में काजल नहीं लगाना चाहिए. अगर किसी वजह से आंखों में इंफेक्शन, लालपन या पानी आता है, तो घरेलू उपायों के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. काजल लगाने की आदत पुराने समय की परंपरा हो सकती है, लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार यह सुरक्षित नहीं है.
नवजात शिशुओं में काजल लगाने के क्या हैं खतरे?
एक्सपर्ट के मुताबिक नवजात बच्चों की आंखें बहुत सेंसिटिव होती हैं. काजल लगाने से उनकी आंखों में गंदगी और बैक्टीरिया जाने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा बाजार वाले काजल में मौजूद लेड शरीर में जाकर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं तक का कारण बन सकता है. कई केसों में काजल के कारण कंजक्टिवाइटिस भी देखा गया है. कई माता-पिता सोचते हैं कि काजल लगाने से बच्चों की आंखें तेज हो सकती हैं. हालांकि डॉक्टर साफ कहते हैं कि काजल लगाने से न तो नजर बेहतर होती है और न ही आंखें हेल्दी रहती हैं. काजल को लेकर फैले मिथकों से बचना चाहिए.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें