DJI ने लॉन्च किया 360 डिग्री ड्रोन, Insta360 से बढ़ी टक्कर और पेटेंट विवाद तेज

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टेक्नोलॉजी की दुनिया में ड्रोन को लेकर प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है. नई-नई तकनीकों के साथ कंपनियां बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती हैं. इसी बीच एक बड़ा लॉन्च और विवाद चर्चा में आ गया है. इससे ड्रोन इंडस्ट्री में नई जंग छिड़ गई है.

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ड्रोन मार्केट में नई जंग शुरू, DJI और Insta360 आमने-सामने आए. (Image: Social Media)

नई दिल्ली. चीन की ड्रोन कंपनी DJI ने अपना पहला 360-डिग्री ड्रोन लॉन्च कर दिया है, जिससे बाजार में नई हलचल मच गई है. इस नए ड्रोन का नाम DJI Avata 360 है, जो कंपनी के पारंपरिक कैमरा ड्रोन से एक कदम आगे माना जा रहा है. यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है, जब कंपनी अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनी Insta360 के साथ पेटेंट विवाद में उलझी हुई है.

8K कैमरा और एडवांस फीचर्स से लैस ड्रोन
नए ड्रोन में फ्रंट पर लगा ऑम्निडायरेक्शनल कैमरा दिया गया है, जो 8K रिजॉल्यूशन और 60 फ्रेम प्रति सेकंड पर HDR वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है. इसमें चार प्रोपेलर दिए गए हैं, जिससे इसका डिजाइन पहले लॉन्च हुए ड्रोन जैसा ही लगता है. कीमत की बात करें तो इसकी शुरुआती कीमत करीब 4,388 युआन रखी गई है, जो इसे प्रीमियम सेगमेंट में लाती है. ये अपने आप 360 डिग्री तक वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम है.

पेटेंट विवाद ने बढ़ाई टेंशन
इस लॉन्च के कुछ ही दिनों पहले DJI ने Insta360 के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन का केस दायर किया है. यह मामला ड्रोन की फ्लाइट कंट्रोल तकनीक, डिजाइन और इमेज प्रोसेसिंग से जुड़े छह अहम पेटेंट्स से संबंधित है. जवाब में Insta360 के सीईओ ने दावा किया कि ये सभी तकनीकें उनकी कंपनी की खुद की खोज हैं.

ड्रोन बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
360-डिग्री ड्रोन का यह सेगमेंट अभी नया है, लेकिन तेजी से बढ़ रहा है. पिछले साल Insta360 से जुड़ी कंपनी ने भी अपना ड्रोन लॉन्च किया था, जिससे प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई. अब DJI के इस नए कदम से दोनों कंपनियों के बीच मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.

कैमरा और ड्रोन दोनों में आमने-सामने
दोनों कंपनियां अब एक-दूसरे के क्षेत्र में कदम रख रही हैं. DJI जहां कैमरा मार्केट में उतर रही है, वहीं Insta360 ड्रोन सेगमेंट में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है. इससे साफ है कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की रेस और तेज होने वाली है.

भविष्य में बढ़ सकती है कानूनी लड़ाई
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पेटेंट विवाद आने वाले समय में और बढ़ सकते हैं. छोटी कंपनियां आमतौर पर रिसर्च पर ज्यादा ध्यान देती हैं, जबकि बड़ी कंपनियां कानूनी रास्ता अपनाती हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मुकाबला टेक्नोलॉजी की दिशा को कैसे प्रभावित करता है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें

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