दिल को कमजोर बना सकता डीजे का धूम-धड़ाका! ‘सडन हार्ट अटैक’ से जान का भी खतरा, जानिए कानों के लिए कितनी आवाज सही

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Dj Sound Cause Heart Attack: डीजे की तेज आवाज आपकी जान भी ले सकती है. डॉ. सुनीत वर्मा के अनुसार, तेज आवाज दिल की धड़कन बिगाड़ सकती है. कान को अधिकतम 80 डेसीबल की आवाज सुननी चाहिए.

दिल को कमजोर बना सकता डीजे का धूम-धड़ाका! डॉक्टर से जानिए कैसे-

हाइलाइट्स

  • डीजे की तेज आवाज दिल की धड़कन बिगाड़ सकती है.
  • कान को अधिकतम 80 डेसीबल की आवाज सुननी चाहिए.
  • तेज बेस वाले डीजे से सडन हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है.
Dj Sound Cause Heart Attack: भगवान भोलेनाथ का प्रिय माह सावन चल रहा है. शिवभक्त कांवड़िया के वेशभूषा में बोल बम के जयकारों के साथ कांवड़ आ रहे हैं. इस दौरान डीजे का शोर हर तरफ सुनाई देता है. कांवड़ यात्रा में डीजे का शामिल होना एक परंपरा सी हो गई है. लोग डीजे के कानफोड़ साउंड पर नाचते हुए कांवड़ लेकर निकलते हैं. कुछ डीजों में इतना बेस होता है कि रूह कांप उठे. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि डीजे का यह शोर आपके दिल को कमजोर कर सकता है. यही नहीं, हार्ट अटैक तक का जोखिम बढ़ा सकता है.

तेज आवाज से पड़ने वाले हार्ट अटैक से कई लोग जान गवां भी चुके हैं. ऐसा ही एक मामला झांसी में हुआ था. यहां नगर निकाय चुनाव के दौरान डीजे के पास खड़े एक व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. अब सवाल है कि क्या कांवड़ियों के डीजे की आवाज से दिल का दौरा पड़ सकता है? कान को अधिकतम कितनी आवाज सुननी चाहिए? इस बारे में News18 को बता रहे हैं अल्केमिस्ट अस्पताल पंचकुला, हरियाणा के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबिटीजोलॉजिस्ट डॉ. सुनीत कुमार वर्मा-

तेज आवाज हो सकती है खतरनाक

डॉ. सुनीत वर्मा के मुताबिक, डीजे या लाउडस्पीकर्स की तेज आवाज कभी-कभी लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है. कई सारे शोध में मिली जानकारी के अनुसार, अचानक से बढ़ता शोर आपके दिल की धड़कन को बिगाड़ सकती है. ऐसी स्थिति को मेडिकल साइंस की भाषा में एट्रियल फिब्रिलेशन भी कहा जाता है. इसकी वजह से किसी इंसान के शरीर में खून के थक्के बनने, स्ट्रोक और हार्ट फेल हो जाने की समस्याएं भी हो सकती हैं.

तेज आवाज हार्ट अटैक को देती है न्योता?

डॉक्टर बताते हैं कि, जिन लोगों को दिल से जुड़ी किसी तरह की दिक्कत होती है उन्हें एहतियात के तौर पर तेज आवाज (जिससे दिल पर दबाव बढ़ता है) से दूर रहना चाहिए. हालांकि, कम उम्र के लोगों में ऐसी संभावनाएं नहीं होती हैं. बता दें कि, तेज बेस वाले डीजे से सडन हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है. हालांकि, ऐसे मामलों में अगर कार्डियो पल्मोनरी रिस्यूसिटेशन (CPR) दे दिया जाए तो काफी हद तक लोगों की जान बचाई जा सकती है.

कान को अधिकतम कितनी आवाज सुननी चाहिए

डॉ. सुनीत वर्मा ने बताया कि तेज आवाज के बीच में लंबे समय तक रहने वाले लोगों की सेहत को सेहत से जुड़े कई सारे जोखिम हो सकते हैं. मनुष्य के कान को अधिकतम 80 डेसीबल की आवाज ही सुननी चाहिए. इससे तेज आवाज पर अगर आप कुछ भी सुनते हैं तो वह आपके कान के परदे के साथ ही दिल और दिमाग को भी नुकसान पहुंचता है. इसलिए डीजे की आवाज से खुद को बचाना चाहिए.

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दिल को कमजोर बना सकता डीजे का धूम-धड़ाका! ‘सडन हार्ट अटैक’ से जान का भी खतरा

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