हरदा जिले में यूरिया की अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। केंद्रीय रसायन व उर्वरक मंत्रालय और राज्य शासन ने 19 डीलरों की पहचान की है। इन विक्रेताओं ने 1 अप्रैल 2024 से 20 जुलाई 2025 तक सरकार द्वारा तय सीमा से ज्यादा यूरिया बेचा है।
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किसानों के नाम में भी हेरफेर कृषि विभाग जांच कर रहा है। विभाग पीओएस मशीन, बिल बुक और किसानों के आधार नंबर का मिलान कर रहा है। जांच में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। विक्रेताओं के रिकॉर्ड में किसानों के नामों में हेरफेर मिला है। पीओएस मशीन और बिल बुक के मिलाने पर अलग अलग पाई गईं। पीओएस मशीन में दर्ज आधार नंबर, बिल बुक के नाम और मोबाइल नंबर से मेच ही नहीं हो रहा है।
एक हफ्ते में डीलर्स को कारण बताओ नोटिस कृषि विभाग के उप संचालक जवाहरलाल कास्दे के अनुसार, विभागीय टीम रिपोर्ट का मिलान कर रही है। इसकी जानकारी संचालनालय को भेजी जा रही है। एक सप्ताह में डीलरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। डीलरों का पक्ष सुनने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
3 से लेकर 736 गुना तक अधिक यूरिया बेचा जांच में पता चला है कि इन 19 डीलरों ने तय सीमा से 3 से लेकर 736 गुना तक अधिक यूरिया बेचा है। यह जांच केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय के आदेश पर राज्य संचालनालय किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के निर्देश पर की जा रही है।
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