भोपाल. मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल और मैहर समेत कई जिलों में तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. खेतों में खड़ी गेहूं, चना और मसूर की फसलें आड़ी हो गई हैं, जबकि कई जगह कटी फसल भीगकर खराब हो रही है. इसी बीच सरकार ने 1 अप्रैल से चार संभागों में गेहूं खरीदी शुरू करने का फैसला बरकरार रखा है, जिससे किसानों के सामने राहत और संकट दोनों की स्थिति बन गई है.
खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने के पीछे भी मौसम की यही मार है. पहले मार्च में खरीदी शुरू होनी थी, लेकिन बारिश और कटाई में देरी के कारण इसे टालना पड़ा. अब 1 अप्रैल से भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और इंदौर संभाग में खरीदी शुरू होगी, जबकि अन्य संभागों में 7 अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी. लेकिन लगातार बदलते मौसम के कारण फसल की गुणवत्ता और नमी को लेकर किसानों की चिंता बनी हुई है.
नरसिंहपुर-नर्मदापुरम में खड़ी फसल पर असर
नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जिलों में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने फसलों को झुका दिया है. खेतों में तैयार खड़ी गेहूं, चना और मसूर पर नुकसान का खतरा बढ़ गया है. लगातार बारिश से दानों में नमी बढ़ने की आशंका है, जिससे खरीदी में परेशानी आ सकती है.
हरदा में कटी फसल भी नहीं बची
हरदा जिले में हालात ज्यादा गंभीर हैं. कई किसानों ने गेहूं और चना काटकर खेतों में रखा था, लेकिन रात की बारिश ने पूरी फसल भिगो दी. पीड़गांव के किसान भगवानदास ने बताया कि ट्रैक्टर नहीं मिलने के कारण फसल घर नहीं ला पाए और पूरी मेहनत पर पानी फिर गया. कम जमीन वाले किसानों के लिए यह बड़ा झटका है.
बैतूल में ओलावृष्टि से फसलें आड़ी
बैतूल जिले में बारिश के साथ ओलावृष्टि ने नुकसान को और बढ़ा दिया. हवा और ओलों की मार से गेहूं की फसलें खेतों में गिर गईं. अरुल, बैतूल बाजार और आसपास के कई गांवों में फसलें प्रभावित हुई हैं. मुलताई और प्रभातपट्टन क्षेत्र में भी भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है.
मैहर में मौसम का असर आस्था और खेती दोनों पर
मैहर में चैत्र नवरात्रि के दौरान बारिश ने श्रद्धालुओं की संख्या को भी प्रभावित किया. मां शारदा धाम में भीड़ कम रही. वहीं खेतों में पड़ी गेहूं की फसल के भीगने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. मौसम ने यहां दोहरा असर दिखाया है.
1 अप्रैल से शुरू होगी खरीदी, दो चरणों में व्यवस्था
सरकार ने खरीदी को दो चरणों में बांटा है. पहले चरण में चार संभागों में 1 अप्रैल से खरीदी होगी. अन्य छह संभागों में 7 अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी. इससे केंद्रों पर दबाव कम करने की कोशिश की गई है.
MSP और बोनस से मिलेगी राहत
इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है. राज्य सरकार 40 रुपए का बोनस दे रही है. यानी कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल किसानों को मिलेंगे. इससे नुकसान की भरपाई में कुछ मदद मिलने की उम्मीद है.
नमी बढ़ने से खरीदी में आ सकती है दिक्कत
बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ने से किसानों को खरीदी केंद्रों पर परेशानी हो सकती है. ज्यादा नमी होने पर फसल रिजेक्ट हो सकती है या कम कीमत मिल सकती है. यह सबसे बड़ी चिंता बनकर सामने आ रही है.
मौसम विभाग का अलर्ट, 48 घंटे अहम
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है. ऐसे में किसानों को फसल बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी. यदि मौसम नहीं सुधरा तो नुकसान और बढ़ सकता है.
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