एम्स भोपाला में बैठक लेते कार्यपालक निदेश प्रो. माधवानन्द कर।
प्रदेश और केंद्रीय भारत के मरीजों को बेहतर हेल्थ फैसिलिटीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एम्स भोपाल ने 26 सितंबर को शासकीय और संस्थागत बैठक आयोजित की। इस बैठक में मरीजों की सेवा सुधारने और भविष्य की रूपरेखा तय करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
.
एम्स भोपाल
बैठक के दौरान एम्स के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने कहा, एम्स अमृत फार्मेसी पर अपनी निर्भरता को कम करेगा। जो जरूरी दवाइयां और कंज्यूमेबल्स हैं, उनके लिए सेंट्रलाइज्ड फार्मेसी को मजबूत किया जाएगा। जिससे एम्स खुद सामान को खरीद सीधे मरीज तक पहुंचा सके। इससे मरीजों को जल्द और सस्ती दर में इलाज मुहैया कराने के हमारे प्रयास को बल मिलेगा। इस दौरान, गामा नाइफ से लेकर ट्रॉमा ब्लॉक जैसी कई नई सुविधाओं पर चर्चा हुई।
बैठक का नेतृत्व एम्स भोपाल के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार महापात्रा ने किया। इनके साथ ही प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी (डीन, अकादमिक), प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता (चिकित्सा अधीक्षक), श्री संदेश कुमार जैन (उप निदेशक, प्रशासन) और शासकीय निकाय के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
मरीज-केंद्रित सेवाओं पर रहेगा फोकस
- मरीजों का प्रतीक्षा समय कम करना।
- दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार करना।
- अस्पताल प्रबंधन प्रणाली को और प्रभावी बनाना।
उत्कृष्टता की दिशा में कदम एम्स भोपाल ने लक्ष्य रखा है कि वह सभी नए एम्स संस्थानों में पहले स्थान पर आकर उत्कृष्टता के मानक स्थापित करेगा और मरीज-केंद्रित सेवाओं में अग्रणी बनेगा। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीकी उपायों का इस्तेमाल किया जाएगा।
मरीजों को जल्द मिलेंगी बेहतर सुविधाएं अधिकारियों ने बताया कि इस बैठक में बनी रूपरेखा के लागू होने से मध्य प्रदेश और केंद्रीय भारत के नागरिकों को बेहतर, त्वरित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। अस्पताल पहुँचने से लेकर विशेषज्ञ उपचार पाने तक की प्रक्रिया और सरल बनाई जाएगी।