भोपाल. मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2026 इस बार तकनीकी ऊँचाई पर होगी. 7 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा में करीब 16.07 लाख विद्यार्थी शामिल हैं, जिनकी हर गतिविधि पर डिजिटल और फील्ड लेवल दोनों पहरे रखे जाएंगे. सुरक्षा में नए स्तर के कदम उठाए गए हैं ताकि परीक्षा प्रक्रिया को पूर्ण तौर पर लीक‑प्रूफ बनाया जा सके.
माशिमं ने परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल पूर्ण प्रतिबंध लगाया है, जिससे परीक्षा से जुड़ी हर सूचना केवल आधिकारिक चैनलों से ही जाएगी. केंद्र के अंदर ना सिर्फ छात्रों बल्कि स्टाफ और पर्यवेक्षक तक मोबाइल नहीं ले जा पाएँगे, जिससे अनधिकृत संपर्क और सूचना का कोई मार्ग न रह जाए. इन कड़े नियमों और तकनीकी निगरानी से परीक्षा की विश्वसनीयता को पहले से कहीं अधिक मजबूती मिलेगी.
बोर्ड परीक्षा में डिजिटल मॉनिटरिंग की रूपरेखा
माशिमं ने इस बार मोबाइल एप आधारित वास्तविक‑समय निगरानी प्रणाली लागू की है. यह प्रणाली परीक्षा की तैयारी से लेकर प्रश्न‑पत्र वितरण, पेपर समाप्ति और मूल्यांकन तक हर स्टेप को ट्रैक करेगी.
मुख्य डिजिटल उपाय इस प्रकार हैं:
‑ परीक्षा केंद्रों पर 226 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे.
‑ 700 संवेदनशील एवं अति संवेदनशील केंद्रों में नेटवर्क जैमर सक्रिय रहेंगे.
‑ हर अधिकारी और पर्यवेक्षक को एमपी बोर्ड की मोबाइल एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा.
‑ लैंडलाइन और पोर्टल आधारित संचार से परीक्षा केंद्रों से नियंत्रण कक्ष तक सूचनाओं का आदान‑प्रदान सुचारू रहेगा.
प्रत्येक प्रश्न‑पत्र बंडल की लोकेशन‑टैगिंग, खोलने और वितरण की एंट्री, तथा बंडलों के मूल्यांकन केंद्र तक पहुँचने की प्रक्रिया तक की डिजिटल एंट्री की जाएगी. इससे पेपर की सुरक्षा और ट्रैकिंग दोनों पर सख्त नियंत्रण होगा.
निगरानी प्रक्रिया: जिम्मेदारियां और लॉजिस्टिक्स
माध्यमिक बोर्ड ने परीक्षा नियंत्रण को सुदृढ़ करने के लिए नियंत्रण कक्ष (Control Room) बनाया है. यहाँ से पूरी परीक्षा की निगरानी ऑनलाइन की जाएगी.
केंद्र पर्यवेक्षक
मोबाइल‑फ्री सुरक्षा और सीसीटीवी अपटाइम का ध्यान रखेंगे.
हर सेंटर की रिपोर्ट नियंत्रण कक्ष को भेजेंगे.
पुलिस थाने और कलेक्टर प्रतिनिधि
सुबह 6.30 बजे प्रश्न‑पत्र बंडल लेने से पहले सेल्फी भेजेंगे.
बंडलों की पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेंगे.
मॉबाइल एप ऑपरेटर
1 सभी डिजिटल एंट्री और लाइव ट्रैकिंग सुनिश्चित करेंगे.
2 किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष को देंगे.
परीक्षा केंद्र और तकनीकी व्यवस्था
| श्रेणी | संख्या | मुख्य सुरक्षा सुविधा |
|---|---|---|
| कुल विद्यार्थी | 16.07 लाख | मोबाइल प्रतिबंध, डिजिटल ट्रैकिंग |
| 10वीं छात्र | 9.07 लाख | सीसीटीवी निगरानी |
| 12वीं छात्र | 7.00 लाख | नेटवर्क जैमर |
| परीक्षा केंद्र | 3856 | लैंडलाइन/पोर्टल संचार |
| संवेदनशील केंद्र | 700 | नेटवर्क जैमर सक्रिय |
केंद्र स्तर की तैयारियां
मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा को परीक्षा नियंत्रक बलवंत वर्मा ने नए स्तर की सुरक्षा व्यवस्था के साथ तैयार किया है. केंद्रों पर मोबाइल प्रतिबंध से लेकर नियंत्रण कक्ष तक हर स्टेप को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर लाया गया है. जिला‑स्तर अधिकारी, कलेक्टर प्रतिनिधि और पुलिस थाने का समन्वय सुनिश्चित करेगा कि प्रश्न‑पत्र की सुरक्षा में कोई कमी न रहे. साथ ही बोर्ड की मोबाइल एप से पुलिस थाने से प्रश्न‑पत्र के निकलने की एंट्री, खोलने से लेकर कर्मचारियों द्वारा वितरण तक हर कार्य का रिकॉर्ड समय‑अनुसार दर्ज होगा. इस प्रणाली की सफलता से देशभर में बोर्ड परीक्षाओं के डिजिटल निगरानी मॉडल को नया मानक मिल सकता है.
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