भोपाल, विदिशा और बड़वानी समेत प्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है।
इन दिनों पूरा मध्यप्रदेश घने कोहरे के आगोश में है। भोपाल, खजुराहो समेत कई शहरों में तो विजिबिलिटी इतनी कम है कि 20 मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो रहा है। सोमवार को पूरे प्रदेश में कोहरा, तेज सर्दी और कोल्ड वेव यानी, शीतलहर का असर देखा गया। मौसम विभाग न
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कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के चलते 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। वहीं 4 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। बाकी 27 जिलों में फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं हुआ, जिससे वहां के बच्चे तेज ठंड में स्कूल जाएंगे।
वहीं कोहरे की वजह से दिल्ली से आने वाली ट्रेनें लेट हो रही हैं। खासकर मालवा, सचखंड, शताब्दी समेत कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। सर्द हवाओं की वजह से सर्दी भी तेज हो गई है। इसलिए ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे है।
शहडोल के कल्याणपुर में पारा 3.8 डिग्री पर आ गया। दतिया में 4.4 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री, मुरैना-मलाजखंड में 5.5 डिग्री, उमरिया में 5.7 डिग्री, मंडला-पचमढ़ी में 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 6.8 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री रहा।
बड़वानी के सेंधवा में सोमवार को गेहूं-चने की फसलों सहित घास पर ओस की बूंदें जमी नजर आईं।
दिन भी ठंडे…भोपाल में पारा 18.4 डिग्री पहुंचा, 11 शहरों में 20 डिग्री से कम प्रदेश में रात के साथ दिन भी ठंडे हैं। सोमवार को भोपाल-श्योपुर में 18.4 डिग्री, दतिया-खजुराहो में 18.6 डिग्री, नौगांव में 19 डिग्री, रीवा में 19.4 डिग्री, दमोह-टीकमगढ़ में 19.5 डिग्री, ग्वालियर-पचमढ़ी में 19.6 डिग्री, सीधी में 19.8 डिग्री दर्ज किया गया।
इसी तरह नरसिंहपुर में तापमान 20.2 डिग्री, मलाजखंड, सतना में 20.3 डिग्री, जबलपुर में 20.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 21 डिग्री, धार में 21.4 डिग्री, उमरिया में 21.5 डिग्री, सागर में 21.6 डिग्री, इंदौर-शिवपुरी में 22 डिग्री, रतलाम में 22.2 डिग्री, उज्जैन में 22.4 डिग्री रहा।
अगले 2 दिन इन जिलों में घना कोहरा 7 जनवरी- ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, कटनी, भोपाल, रायसेन, विदिशा, शाजापुर में कोहरा रहेगा। 8 जनवरी- ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया और शहडोल में कोहरे का अलर्ट है।

इसलिए ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर से नमी आई है। इस वजह से हवा की रफ्तार की धीमी है। शनिवार को भोपाल दिनभर धूप नहीं खिली। वहीं, रविवार-सोमवार को दोपहर में धूप निकली। वातावरण में 100 प्रतिशत नमी हो गई। जब नमी ज्यादा हो और हवा बहुत धीमी हो तो बादल भी नीचे आ जाते हैं। इसी कारण विजिबिलिटी कम हो जाती है। पिछले 3 दिन से प्रदेश में ऐसा ही हो रहा है।
भोपाल में बच्चों को राहत नहीं, स्कूलों की बस टाइमिंग बढ़ाई
भोपाल में पिछले 3 दिन से घना कोहरा छा रहा है। सोमवार सुबह 6 से 8 बजे के बाद विजिबिलिटी 20 से 50 मीटर तक रही। मंगलवार को भी ऐसा ही मौसम रहा। इसी कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच से नन्हें बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं, जबकि प्रदेश के 20 जिलों में छुट्टी घोषित हो चुकी है।
इन 20 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित
- इंदौर: कक्षा 1 से 8 तक, तीन दिन की छुट्टी।
- उज्जैन: नर्सरी से 5वीं तक, एक दिन छुट्टी।
- मंदसौर: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन की छुट्टी।
- शाजापुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।
- विदिशा: नर्सरी से 5वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।
- ग्वालियर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्टी, 7 से स्कूल।
- अशोकनगर: 5 जनवरी को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद।
- रायसेन: नर्सरी से 5वीं तक, 7 जनवरी तक छुट्टी।
- आगर मालवा: कक्षा 1 से 8 तक, दो दिन अवकाश (आंगनबाड़ी भी बंद)।
- भिंड: नर्सरी से कक्षा 8 तक, दो दिन अवकाश।
- टीकमगढ़: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्टी।
- हरदा: नर्सरी से 8वीं तक, सोमवार को अवकाश।
- नीमच: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्टी।
- रतलाम: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश।
- राजगढ़: कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में 2 दिन का अवकाश।
- मंडला: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद।
- जबलपुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद; परीक्षाएं यथावत।
- दमोह: प्री प्राइमरी से 8वीं तक एक दिन का अवकाश। आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद।
- डिंडौरी: नर्सरी से 5वीं, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश।
- नर्मदापुरम: 6-7 जनवरी को कक्षा 8वीं तक के स्कूलों की छुट्टी।
- झाबुआ: प्ले-ग्रुप से कक्षा 3 तक, 6 से 10 जनवरी तक अवकाश।
- छतरपुर: कक्षा 1 से 8 तक, 2 दिन का अवकाश।
- सीधी: नर्सरी से 8वीं तक, 2 दिन का अवकाश।
- बैतूल: शीतलहर के कारण कल नर्सरी-8वीं तक स्कूल बंद
इन जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली
- भोपाल: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल सुबह 9:30 बजे के बाद खुलेंगे।
- धार: नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं 9:30 बजे के बाद, 9वीं से 12वीं तक समय यथावत।
- सीहोर: 6 जनवरी से नर्सरी से 12वीं तक कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से शुरू होंगी।
- अनूपपुर: एक पाली वाले स्कूल सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक, दो पाली वाले स्कूल 11–1 और 1–5 बजे तक।

इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। मौसम विभाग ने नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान जताया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है।

ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं।
पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिल बादल भी छाए रहे।
MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड…
भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचर भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था।
पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी।

इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी।

जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है।
24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था।

उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था।
ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी।

उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।

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