केला दुनिया का सबसे लोकप्रिय फल है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि केला भी कई तरह का होता है? लाल, हरा और पीला, तीनों केले दिखने में अलग होते हैं और इनके पोषण व फायदे भी अलग हैं. आइए समझते हैं इन तीनों का अंतर और जानें कि सेहत के लिए कौन सा ज्यादा फायदेमंद है.
1. पीला केला — सबसे आम और आसानी से उपलब्ध
पीला केला यानी पका हुआ केला भारत में सबसे ज्यादा खाया जाता है.
फायदे:
इसमें प्राकृतिक शुगर और फाइबर होता है, जिससे तुरंत ऊर्जा मिलती है.
पाचन के लिए बेहद अच्छा, कब्ज दूर करता है.
बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए आसानी से पचने वाला.
किसके लिए अच्छा है?
जिन्हें तुरंत ऊर्जा चाहिए
एथलीट
पेट से जुड़ी समस्या वाले लोग
उपयोग:
शेक, स्मूदी, नाश्ता, ओट्स, कच्चा खाना
2. हरा केला — स्टार्च और फाइबर से भरपूर
हरा केला कच्चा केला होता है, जिसे आमतौर पर सब्जी या चिप्स में उपयोग किया जाता है.
फायदे:
इसमें रेजिस्टेंट स्टार्च ज्यादा होता है, जो शुगर को कंट्रोल रखता है.
डायबिटिक मरीजों के लिए उपयोगी.
पेट भरता है और वजन कम करने में मदद करता है.
किसके लिए अच्छा है?
डायबिटीज वाले लोग
वजन कम करने वाले
जो लोग कब्ज से परेशान हों
उपयोग:
उबला हुआ केला, टिक्की, कोफ्ते, ड्राई सब्जी, चिप्स
3. लाल केला — मीठा, मुलायम और बेहद पौष्टिक
लाल केला दिखने में आकर्षक और पोषण में पीले केले से भी ज्यादा ताकतवर माना जाता है.
फायदे:
इसमें विटामिन C और बीटा-कैरोटीन ज्यादा होता है, जो इम्युनिटी और त्वचा के लिए बूस्टर है.
पोटैशियम और एंटीऑक्सिडेंट भरपूर, जिससे दिल मजबूत रहता है.
मीठा स्वाद, डायजेस्टिव सिस्टम पर हल्का.
किसके लिए अच्छा है?
इम्युनिटी कमजोर वाले
त्वचा और आंखों की समस्या वाले
बच्चों और बुजुर्गों के लिए आदर्श
उपयोग:
स्मूदी, सलाद, डेज़र्ट, सीधे खाने के लिए बेस्ट
तो सेहत के लिए कौन सा केला है सबसे बेहतर?
पीला केला — तुरंत ऊर्जा और पाचन सुधार के लिए
हरा केला — डायबिटीज कंट्रोल और वजन घटाने के लिए
लाल केला — इम्युनिटी, त्वचा और समग्र पोषण के लिए सबसे श्रेष्ठ
अगर कुल मिलाकर देखें, तो लाल केला सबसे ज्यादा पौष्टिक माना जाता है, जबकि पीला केला सबसे ज़्यादा सुविधाजनक और फायदेमंद है.