‘धोनी को ही देने होंगे 10 लाख’, ना कोई आरोप नया कोई सजा, फिर हाईकोर्ट ने क्यों दिया ऐसा आदेश

मद्रास हाई कोर्ट ने क्रिकेटर एमएस धोनी को 10 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है. दरअसल उन्होंने रिटायर्ड आईपीएस अफसर जी संपतकुमार के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था. उसी मामले से जुड़ी एक सीडी के कंटेन्ट के अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन के लिए धोनी को 10 लाख रुपये का भुगतान करना होगा. न्यायमूर्ति आरएन मंजुला ने अंतरिम आदेश देते हुए धोनी को यह निर्देश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी.

पूर्व आईपीएस अधिकारी जी संपतकुमार ने 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी स्कैम के साथ एमएस धोनी का नाम जोड़ा था. इसके जवाब में धोनी ने उनके खिलाफ 100 करोड़ रुपये के मानहानि हर्जाने का दावा किया था. हाईकोर्ट ने माना कि मामले से संबंधित सीडी में मौजूद कंटेन्ट का ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद करना आवश्यक है.

न्यायमूर्ति आर एन मंजुला ने बताया कि 25 अक्टूबर 2025 के आदेश के तहत कोर्ट के इंटरप्रेटर (दुभाषिया) ने संबंधित सीडी के कंटेन्ट का अनुवाद और उसे लिखित रूप में उतारने का काम शुरू कर दिया है. इंटरप्रेटर ने अदालत को बताया कि इस प्रक्रिया में 3 से 4 महीने का समय लग सकता है. इसके लिए एक और इंटरप्रेटर और एक टाइपिस्ट की आवश्यकता पड़ेगी.

अदालत ने याद दिलाया कि प्लेन्टिफ (वादी) को ही डॉक्यूमेंट्स अदालत में पेश करने होते हैं. चूंकि वादी एमएस धोनी हैं, इसलिए इसकी कीमत (10 लाख रुपये) उन्हीं को चुकानी होगी. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान को यह राशि 12 मार्च तक जमा करनी होगी. यह राशि मुख्य न्यायाधीश राहत कोष खाते में जमा होगी. अदालत ने इंटरप्रेटर को मार्च महीने के तीसरे सप्ताह तटाक अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन का काम करने का आदेश दिया है. 

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