मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। जीतू बोले- मोबाइल मत देखो मेरा भाषण सुनो… कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी मौका मिलते ही सरकार पर हमलावर हो जाते हैं। कई बार तो अपनी ही कही बातें दोहरा देते हैं। ऐसे में अब मंच पर बैठे नेता उसे नजरअंदाज करें तो पटवारी नेताओं को टोक भी देते हैं। ऐसा ही वाकया हुआ नरसिंहपुर के गाडरवाड़ा में। यहां जीतू पटवारी किसानों के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेर रहे थे। पटवारी अपने भाषण में जिक्र कर रहे थे दूध के रकबे का। दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री मोहन यादव की जुबां फिसल गई थी। उन्होंने दूध का उत्पादन बढ़ाने के बजाय रकबा बढ़ाने की बात कह दी थी। कांग्रेसियों ने इस बात को लपक लिया। वो हर जगह इसका जिक्र कर रहे हैं। जीतू जब यह बात कर रहे थे तो मंच पर पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा भी बैठे थे और वो मोबाइल चला रहे थे। जीतू पटवारी को कहना पड़ा- नीखरा जी… आप मोबाइल मत देखो, हमारी बात भी सुनो। इसके बाद पटवारी ने अपना भाषण कंटीन्यू किया, मगर अब लोग कह रहे हैं कि पटवारी का भाषण उनके अपने नेता ही नहीं सुन रहे तो दूसरे लोग क्या सुनेंगे। अब जीतू भी बजवाने लगे तालियां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ताली बजवाने पर अकसर कमेंट करने वाले पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी अब तालियां बजवाने लगे हैं। नरसिंहपुर में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे पटवारी ने कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा का तालियों से स्वागत कराया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बोले- अरे स्वागत करो… अरे जोर से करो… दरअसल, पिछले दिनों हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया था। बीजेपी के रामनिवास रावत को विधायक भी घोषित कर दिया था। जैसे ही यह फैसला आया, कांग्रेस नेता हैरान-परेशान हो गए, क्योंकि कांग्रेस ने उपचुनाव में ये सीट जीती थी। ऐसे मुश्किल समय में सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा मैदान में उतरे। वे न केवल इस मामले में स्टे लेकर आए, बल्कि अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। पटवारी ने इसी बात को लेकर उनकी तारीफ की। कहा- विवेक तन्खा जी, इस शहर के जमाई हैं। उन्होंने कांग्रेस को राहत दिलवाई। अध्यक्ष होने के नाते तालियां तो बजवाना ही पड़ेंगी। सीएम ने कांग्रेसियों को चिढ़ाया.. उधर जीतू पटवारी ने विवेक तन्खा के लिए तालियां बजवाईं तो इधर सीएम ने भी बीना विधायक निर्मला सप्रे के लिए तालियां बजवाईं। दरअसल, मुकेश मल्होत्रा की विधायकी शून्य किए जाने के बाद कांग्रेसियों ने काउंटर अटैक के तौर पर निर्मला सप्रे का मुद्दा उछाला था। निर्मला सप्रे ने 2023 का चुनाव लड़ा तो कांग्रेस के टिकट पर, मगर वह ढाई साल से क्षेत्र के विकास के नाम पर बीजेपी के पाले में चली गई हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस ने विधानसभा में एक याचिका भी लगाई है। कोर्ट में भी इस बात की लड़ाई चल रही है। ऐसे में सीएम के कार्यक्रम में जब एक बार फिर वह मंच पर नजर आईं तो सीएम ने निर्मला सप्रे को न केवल बहन कहकर संबोधित किया, बल्कि उनके लिए तालियां बजवाकर कांग्रेस को चिढ़ाने की कोशिश की। ये बता दिया कि कांग्रेसी लाख कमेंट करें… बहन सप्रे तो बीजेपी के पाले में ही रहेंगी। मैंने तो बोल दिया- जिसे मिर्ची लगे तो लगे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस समय अपने सेवादारों और चेलों से नाराज हैं। 8 मार्च को उन्होंने सेवादारों और चेलों को जमकर फटकार लगाते हुए कहा था कि कई लोग सेवा की भावना से नहीं, बल्कि अन्य कारणों से धाम से जुड़े हैं। आधे से ज्यादा सेवादार इसलिए बन गए, क्योंकि यहां ज्यादा माल-पानी है। कुछ लौंडे यहां लौंडियाबाजी के चक्कर में चेले बन गए। धाम में बालाजी की वजह से बच्चे-बच्चियां खिंचे चले आते हैं। अब उनके इस शब्द पर सवाल उठे। खुद धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कुछ चेले हमने उन्हें लौंडे बोल दिया और गलत काम को लौंडियाबाजी। ऐसे शब्द साधु को शोभा नहीं देते, लेकिन आगे बोले- जिस भाषा में तुम समझो, उसमें समझाना हमारी जिम्मेदारी है। अब किसी को मिर्ची लगे तो लग जाए। हमने यह बात इसलिए बोली कि अब कोई फिर भी ऐसा करे तो बहन, बेटी उनके चंगुल में न फंसे। धीरेंद्र शास्त्री ने अपने इस बयान में राजनीति को भी घसीट लिया। कहा कि जैसे हमारे कुछ सेवादार हैं, वैसे ही कुछ पार्टियों के नेता भी हैं। अब उनके अध्यक्ष ही उन्हें बोल नहीं पाते, यानी महाराज ने एक तीर से कई निशाने लगा दिए। इनपुट सहयोग – आकाश कौरव (नरसिंहपुर), जितेंद्र तिवारी (सागर) ये भी पढ़ें –
सिंगर ने भाजपा विधायक को कराया फीलगुड: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सिखाई ‘विनम्रता’ ‘औकात’ और ‘घंटा’ वाले बयान से सुर्खियों में रहे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अंदाज इन दिनों कुछ बदले-बदले नजर आ रहे हैं। विजयवर्गीय सतना के दौरे पर पहुंचे थे, जहां वे भाजपा कार्यकर्ताओं को शिष्टाचार और विनम्रता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमें जिम्मेदारी मिली है तो अपनी कॉलर खड़ी नहीं करनी है। विनम्र बनना और विनम्रता के साथ काम करना है। पूरी खबर पढ़ें .