विदिशा वन मंडलाधिकारी हेमंत यादव ने रविवार को वन विभाग की टीम के साथ लटेरी रेंज के घने जंगलों में मानसून पेट्रोलिंग की। उन्होंने पैदल चलकर जंगल की पगडंडियों पर निरीक्षण किया और अवैध गतिविधियों की स्थिति का जायजा लिया।
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निरीक्षण के बाद डीएफओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जंगल में किसी भी प्रकार की अवैध कटाई या अतिक्रमण को हर हाल में रोका जाए। इसके लिए नियमित गश्त को अनिवार्य बनाया जाए। लकड़ी की तस्करी में लिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।
डीएफओ ने ग्रामीण और स्थानीय लोगों से अपील की कि वे वन संपदा की रक्षा में सहयोग करें।
जिले की करीब 15% भूमि वन क्षेत्र में शामिल डीएफओ यादव ने बताया कि विदिशा जिले की करीब 12 से 15 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र में आती है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा लटेरी रेंज के अंतर्गत है। यहां कीमती सागौन सहित मिश्रित प्रजातियों के घने वन पाए जाते हैं। ये वन न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं, बल्कि जिले की ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि वर्षों से जंगल अवैध कटाई और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहे हैं। यह वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाकर सागौन तस्करी को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डीएफओ हेमंत यादव ने पिछले दिनों अन्य जिलों में भी वन माफियाओं पर कार्रवाई की थी। उन्होंने सागौन की भारी मात्रा में अवैध लकड़ी जब्त की थी। उन्होंने यह भी कहा कि वन क्षेत्र की सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें स्थानीय नागरिकों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।

डीएफओ का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल विभाग को दें।
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