लकवाग्रस्त होकर भी नहीं मानी हार! किराना दुकान वाले की बेटी बनी MPPSC टॉपर, पढ़ें स्टोरी

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MPPSC Topper Success Story: डॉ. लक्ष्मी मोहनानी रिजवानी की सफलता की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा है, जिन्होंने MPPSC में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है. किराना दुकान चलाने वाले परिवार से निकलकर उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं. कोविड-19 के दौरान ICU में सेवा देते हुए खुद गंभीर बीमारी का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी. मां बनने के बाद भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और टॉप कर दिखाया. उनकी कहानी बताती है कि मेहनत, हौसला और समर्पण से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है.

शिवांक द्विवेदी, सतना: कभी संसाधनों की कमी तो कभी पारिवारिक जिम्मेदारियों और कठिन हालातों के बीच पढ़ाई करने वाली एक साधारण लड़की आज असाधारण उपलब्धियों की पहचान बन चुकी है. सतना में सेवाएं दे रहीं डॉ. लक्ष्मी मोहनानी रिजवानी ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसला मजबूत हो तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती. किराना दुकान चलाने वाले परिवार से निकलकर उन्होंने न सिर्फ मेडिकल क्षेत्र में नाम कमाया बल्कि हाल ही में एमपीपीएससी परीक्षा में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर एक नई मिसाल कायम की है.

सिवनी से शुरू हुआ सफर, बचपन से रही टॉपर
डॉ. लक्ष्मी मूल रूप से सिवनी की रहने वाली हैं जहां उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई मॉडर्न हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की. बचपन से ही मेधावी रहीं लक्ष्मी हर कक्षा में टॉपर रहीं और बोर्ड परीक्षाओं में भी शहर में हमेशा टॉप रैंक में शामिल रहीं. बारहवीं में उन्होंने मैथ्स और बायोलॉजी दोनों विषय लेकर पढ़ाई की.

पहले ही प्रयास में मेडिकल में चयन, MBBS में भी रहीं अव्वल 
बारहवीं के बाद उन्होंने एमपी पीएमटी और आईआईटी दोनों परीक्षाओं में बैठने का फैसला लिया. पहले ही प्रयास में उनका चयन एमपी पीएमटी में हो गया और उन्हें नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज,l जबलपुर में एमबीबीएस के लिए प्रवेश मिला. यहां भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और पूरे बैच में टॉपर रहीं. एमबीबीएस के दौरान उन्हें 6 गोल्ड मेडल मिले और बेस्ट स्टूडेंट का खिताब भी हासिल किया.
इंटर्नशिप के बाद उन्होंने पीजी परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में चयन हासिल किया. गांधी मेडिकल कॉलेज से मेडिसिन में पढ़ाई करते हुए भी उन्होंने टॉप किया. इसके बाद उन्होंने सतना में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल ऑफिसर के रूप में सेवाएं दीं और खासकर कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी भूमिका बेहद अहम रही.

कोविड काल में निभाई बड़ी जिम्मेदारी, खुद भी हुईं गंभीर बीमार
कोविड के कठिन समय में उन्हें आईसीयू इंचार्ज बनाया गया जहां उन्होंने दिन-रात मरीजों की सेवा की. उनके काम की सराहना जिला प्रशासन और तत्कालीन कलेक्टर अजय कटेसरिया ने भी की. इसी दौरान उन्हें गिलियन-बैरे सिंड्रोम जैसी गंभीर बीमारी हो गई जिसके चलते उनके पैर लगभग काम करना बंद कर चुके थे. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और महज तीन महीने में फिर से खड़ी होकर अपने कर्तव्यों पर लौट आईं.
इसके बाद उन्होंने मुंबई के जसलोक हॉस्पिटल से गैस्ट्रो और लीवर स्पेशलिस्ट की फेलोशिप पूरी की. वर्तमान में वह सतना के बिरला हॉस्पिटल में कंसल्टेंट फिजिशियन के रूप में कार्यरत हैं और पिछले ढाई वर्षों से मरीजों को सेवाएं दे रही हैं.

MPPSC में प्रदेश में पहला स्थान, नई जिम्मेदारी
हाल ही में एमपीपीएससी के परिणाम में उन्होंने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है. अब उन्हें सतना जिला अस्पताल में क्लास-वन मेडिकल स्पेशलिस्ट के पद पर नियुक्त किया गया है. यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम और समर्पण का परिणाम है.
डॉ. लक्ष्मी की सफलता की कहानी यहीं नहीं रुकती. उन्होंने बताया कि जब एमपीपीएससी की तैयारी शुरू की, उस समय उनका बच्चा केवल 2-3 महीने का था और वह ब्रेस्टफीडिंग स्टेज में थीं. बावजूद इसके उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और रोजाना 4-5 घंटे तैयारी को दिए. उनका मानना है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना चाहिए और इसके लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है.

परिवार से मिली प्रेरणा, कठिन समय में भी नहीं टूटी हिम्मत

डॉ. लक्ष्मी अपने परिवार की पहली डॉक्टर हैं. उनके पिता सिवनी में किराना दुकान चलाते थे और माता गृहिणी हैं. बड़ी बहन आईटी इंजीनियर और छोटा भाई डेटा एनालिस्ट है. एमबीबीएस के फाइनल ईयर के दौरान उनके पिता का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था जिससे परिवार पर अचानक संकट आ गया. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी.

ब्यूटी विद ब्रेन का खिताब भी किया अपने नाम
डॉ. लक्ष्मी ने न केवल मेडिकल क्षेत्र में बल्कि पर्सनैलिटी और ग्लैमर की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई. उन्होंने मिसेज इंडिया प्रतियोगिता में भाग लिया जहां वह टॉप-8 फाइनलिस्ट रहीं और मिसेज अचीवर व ब्यूटी विद ब्रेन जैसे कई खिताब अपने नाम किए.

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Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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