डायनासोर के जमाने का ‘दानव’ आज भी जिंदा! नील नदी में मिला 21 फीट लंबा मगरमच्छ

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Longest Crocodile In Nile: अफ्रीका की नील नदी में वैज्ञानिकों ने 21 फीट लंबे मगरमच्छ की खोज की है, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड किया गया नील मगरमच्छ है. ‘अफ्रीकन रेप्टाइल रिसर्च इंस्टीट्यूट’ ने ड्रोन और जीपीएस की मदद से यह खोज की. यह आकार में मशहूर लीजेंड ‘गुस्ताव’ से भी बड़ा हो सकता है.

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AI की मदद से बनी सांकेतिक तस्वीर

काहिरा: अफ्रीका की नील नदी में वैज्ञानिकों को एक भयानक ‘दैत्य’ दिखा है. एक नई स्टडी में 21 फीट लंबे विशालकाय मगरमच्छ के मिलने का दावा किया गया है. यह नील नदी में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड किया गया मगरमच्छ माना जा रहा है. इसका आकार और ताकत देखकर अनुभवी वन्यजीव रिसर्चर्स भी सन्न रह गए हैं. यह खोज बताती है कि नदियों की गहराई में आज भी ऐसे ‘दानव’ मौजूद हैं जो हमारी कल्पना से परे हैं. अब तक नील मगरमच्छों (Nile Crocodiles) की अधिकतम लंबाई को लेकर विज्ञान के अपने अनुमान थे. लेकिन इस नए ‘विशालकाय’ (Giant) ने उन सभी अनुमानों को ध्वस्त कर दिया है. 21 फीट की लंबाई किसी भी साधारण मगरमच्छ से कई फीट ज्यादा है.

यह खोज ‘अफ्रीकन रेप्टाइल रिसर्च इंस्टीट्यूट’ (African Reptile Research Institute) के जीवविज्ञानियों की एक टीम ने की है. यह संस्थान बुरुंडी और तंजानिया में स्थित है. टीम ने रुजिजी (Ruzizi) और मारा (Mara) नदियों के किनारे मगरमच्छों की आबादी को ट्रैक किया. इसके लिए उन्होंने ड्रोन, जीपीएस टैग और कैमरा ट्रैप जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया. महीनों की कड़ी मेहनत और खतरनाक इलाकों में रिसर्च के बाद यह चौंकाने वाला डाटा सामने आया.

गुस्ताव: वो मगरमच्छ जो बन गया था किंवदंती

इस खोज के साथ ही दुनिया को एक बार फिर ‘गुस्ताव’ की याद आ गई है. गुस्ताव इतिहास का सबसे मशहूर नील मगरमच्छ था. कहा जाता है कि वह 20 फीट लंबा था. वह दशकों तक पकड़ में नहीं आया. वैज्ञानिकों ने उसे पकड़ने के लिए 32 फीट का एक खास पिंजरा (Trap) बनाया था, लेकिन गुस्ताव अपनी चालाकी से हर बार बच निकलता था.

  • गुस्ताव स्थानीय लोगों और रिसर्चर्स के लिए एक रहस्य बना रहा. आज भी उसका नाम सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. नया मिला मगरमच्छ गुस्ताव की तरह ही विशाल और डरावना है. यह साबित करता है कि कभी-कभी हकीकत कहानियों से भी ज्यादा अजीब होती है.
  • इस खोज ने वैज्ञानिक समुदाय में खलबली मचा दी है. आमतौर पर सबसे बड़े नील मगरमच्छ 16 से 18 फीट के आसपास होते हैं. 20 फीट तक पहुंचना बहुत दुर्लभ है. लेकिन 21 फीट का आंकड़ा पार करना ‘असाधारण’ है.
  • अनुभवी हरपेटोलॉजिस्ट (सरीसृप विज्ञानी) का कहना है कि यह नमूना ‘प्रागैतिहासिक अनुपात’ (Prehistoric Proportions) का है. यानी यह डायनासोर के जमाने के जीवों जैसा दिखता है.
  • इतनी विशाल काया के बावजूद इसका स्वास्थ्य, फुर्ती और शिकार करने की क्षमता हैरान करने वाली है. यह खोज मगरमच्छों की अधिकतम विकास सीमा (Maximum Growth Limits) के बारे में हमारी पुरानी मान्यताओं को चुनौती देती है.
AI की मदद से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर

अगर हम इतिहास में पीछे जाएं तो मगरमच्छों के पूर्वज, जैसे ‘सारकोसुचस’ (Sarcosuchus), इससे भी बड़े होते थे. वे 35 फीट तक लंबे होते थे. लेकिन आज के दौर में 21 फीट का मगरमच्छ मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है.

नील मगरमच्छ अपने इलाके के ‘एपेक्स प्रीडेटर’ यानी सबसे बड़े शिकारी होते हैं. वे गजब के धैर्य के साथ शिकार का इंतजार करते हैं. मछली, पक्षी और बड़े स्तनधारी जीव इनका भोजन बनते हैं. नदी के किनारे के इलाकों में बड़े और बूढ़े नर मगरमच्छों का राज चलता है. वहां ‘योग्यतम की उत्तरजीविता’ (Survival of the Fittest) का नियम लागू होता है.

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Deepak Verma

दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्‍य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें

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