रायसेन किले की पहाड़ी से चलने वाली तोप को तत्काल बंद करने की मांग को लेकर सोमवार को सकल हिंदू समाज ने मौन रैली निकाली। रैली रामलीला मैदान से तहसील कार्यालय पहुंची, जहां मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम एडीएम मनोज उपाध्याय को ज्ञापन सौंपा गया। दरअसल, यह मामला 7 मार्च से जुड़ा है, तब किले की पहाड़ी पर तोप वाले स्थान पर कुछ मुस्लिम युवकों ने चलती तोप के साथ ईरान के समर्थन में नारेबाजी करते हुए एक वीडियो बनाया। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर रील बनाकर पोस्ट किया गया था। आपत्ति के युवको की हुई थी गिरफ्तारी
वीडियो सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने किले की पहाड़ी से चलने वाली तोप को अवैध और असंवैधानिक बताते हुए इसे बंद करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए थे। साथ ही, उन्होंने युवकों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की थी। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। इन पर मामला दर्ज किया गया। चेतावनी- दुकानें बंद रखकर विरोध जताएंगे
प्रियंक कानूनगो ने किले की पहाड़ी पर तोप चलने वाले स्थान का निरीक्षण भी किया था। उन्होंने पुरातत्व विभाग से तोप चलाने को लेकर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) दिखाने को कहा था, लेकिन विभाग कोई एनओसी नहीं दिखा पाया। उन्होंने बताया था कि पुरातत्व विभाग के 100 मीटर के दायरे में तोप चलाई जाती है, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा एक माह का लाइसेंस जारी किया जाता है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि जिस स्थान पर तोप चलाई जाती है, वह पुरातत्व विभाग के 100 मीटर के दायरे में आता है। यह क्षेत्र प्राचीन शैल चित्रों और बाघ विचरण क्षेत्र के लिए भी जाना जाता है। सकल हिंदू समाज ने प्रशासन से तत्काल तोप बंद करने की मांग दोहराई है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन तोप बंद नहीं करता है, तो वे अपनी-अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताएंगे। मौन रैली के दौरान पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी, जिसमें पुलिसकर्मी आगे-आगे चल रहे थे। .