साफ हो गई दिल्ली की हवा? AQI… पहुंचते ही दिल्ली सरकार ने हटाया GRAP-3, लेकिन सेहत पर क्या होगा असर? यहां समझें

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Delhi AQI: दिल्ली की हवा में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है. लेकिन फिर भी दिल्ली सरकार ने जल्दी ही सुधार की उम्मीद जताते हुए GRAP-3 को हटा दिया है. यदि आप यहां रहते हैं, तो बिल्कुल भी अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ न करें, क्योंकि दिल्ली में सांस लेना किसी गैस चैंबर में सांस लेने जैसा है. इसकी गवाही करंट AQI दे रहा है.

दिल्ली की एयर क्वालिटी

देश की राजधानी दिल्ली की गिनती दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित जगहों में होती है. हर साल ठंड के मौसम में यहां प्रदूषण एक नया रिकॉर्ड बनाता नजर आता है. इस साल अक्टूबर में दिल्ली की एयर क्वालिटी 1000 का आंकड़ा पार कर चुकी थी. जिसके बाद दिल्ली सरकार ने इसे कंट्रोल करने के लिए कई ठोस कदम उठाए.

जिसमें से GRAP-1, GRAP-2, GRAP-3 लागू करना है. हालांकि दिल्ली-एनसीआर की हवा अभी भी जहरीली बनी हुई है. बुधवार का AQI 327 रिकॉर्ड किया गया है. लेकिन पिछले दिनों के मुकाबले इसमें कुछ सुधार दिखा है, जिसके बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने GRAP-3 को तुरंत प्रभाव से वापस लेने का आदेश जारी किया है. GRAP-III हटने से निर्माण गतिविधियों और कामकाज को राहत मिलेगी, लेकिन वायु गुणवत्ता अब भी चिंताजनक है.

फेफड़ों के लिए कोई राहत नहीं

हालांकि GRAP-3  वापस लेने से निर्माण गतिविधियां बहाल हो जाएंगी. लेकिन आपके फेफड़ों के लिए कोई राहत नहीं है. 300 पार एयर क्वालिटी आपके फेफड़ों के लिए 8 सिगरेट पीने बराबर है. यानी कि आपके लंग्स ही नहीं दिल्ली की हवा जहर बनकर आपके शरीर के सभी अंगों को अंदर से खोखला कर रही है.

दिमाग को ज्यादा खतरा

कई स्टडी में सामने आया है कि प्रदूषित हवा में रह रहे लोग का दिमाग 5 गुना तेजी से सिकुड़ता है. ऐसे में दिल्ली जैसे प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित जगहों पर आने वाले समय में डिमेंशिया, अल्जाइमर, एंग्जायटी और डिप्रेशन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा सकती है.

हर साल हो रही लाखों मौत

इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) द्वारा इस महीने जारी किए गए नए ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (GBD) आंकड़ों के अनुसार, 2023 में दिल्ली में होने वाली हर सात में से एक मौत प्रदूषित हवा के कारण हुई.वहीं, सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) द्वारा आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि परिवेशी कण प्रदूषण दिल्ली में मौतों का सबसे बड़ा जोखिम कारक है, जो 2023 में होने वाली सभी मौतों का लगभग 15% यानी लगभग 17,200 है.

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया … और पढ़ें

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साफ हो गई दिल्ली की हवा? AQI… पहुंचते ही दिल्ली सरकार ने हटाया GRAP-3

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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