दिल्ली एम्स ने रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है. देश में जहां बाहर निजी अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक की कठिन सर्जरी करानी पड़ती है. वहीं, दिल्ली एम्स में यह सर्जरी पूरी तरह मुफ्त की जा रही है. यहां मरीजों या उनके परिजनों से एक रुपया भी नहीं लिया जाता है. यहां सर्जिकल डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. सुनील चुम्बर ने बताया कि नवंबर 2024 में जब रोबोट आया था तो पहली सर्जरी डॉ. हेमांग भट्टाचार्य ने ही की थी. इसके आने के बाद सिर्फ 13 महीनों में 1000 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गईं, जिससे एम्स ने पूरे देश के अस्पतालों को पीछे छोड़ दिया. बता दें कि रोबोटिक सर्जरी से पेट, लीवर, पित्ताशय, कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट, थायरॉइड जैसी जटिल प्रक्रियाएं आसान हो गई हैं. संक्रमण का खतरा कम, कम दर्द, छोटा चीरा, तेज रिकवरी और जल्दी डिस्चार्ज मिलता है. कोविड के समय सिर्फ 2-3 रोबोट थे, अब 200 के ऊपर हैं, लेकिन एम्स ने सार्वजनिक स्वास्थ्य में बेंचमार्क सेट किया है. जहां इमरजेंसी में अभी नहीं, लेकिन प्लान्ड सर्जरी में वरदान साबित हो रही है.