53 साल के न्यूरोसर्जन की मौत ने चौंकाया, 3 दिन पहले करवाया था ECG, नॉर्मल रिपोर्ट के बावजूद मौत की वजह बनी हार्ट अटैक

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Silent Cause Of Heart Attack: हार्ट अटैक का जोखिम कई बार इतना साइलेंट होता है कि ईसीजी कराने पर भी पकड़ में नहीं आता है. हाल ही में 53 साल के न्यूरोसर्जन की हार्ट अटैक से मौत ने इस बात पर मुहर लगा दी है.

नागपुर के फेमस न्यूरोसर्जन डॉ. चंद्रशेखर पाखमोडे का 31 दिसंबर की सुबह 53 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया. यह खबर इसलिए चौंकाने वाली है, क्योंकि उन्होंने कुछ दिन पहले ही ईसीजी करवाया था. रिपोर्ट भी नॉर्मल थी. फिर भी सुबह करीब 6 बजे वे अचानक गिर पड़े. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी.

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या हम हार्ट अटैक के कुछ ऐसे खतरे नजरअंदाज कर रहे हैं, जो शुगर, कोलेस्ट्रॉल, ईसीजी और एक्सरसाइज जैसी आम जांचों में नहीं दिखते? चलिए इस लेख में एक्सपर्ट की मदद से हार्ट अटैक के साइलेंट खतरों को समझने की कोशिश करते हैं.

तनाव सबसे बड़ा खतरा
बेंगलुरु के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रंजन शेट्टी ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में बताया कि डॉक्टरों और प्रोफेशनल्स में हार्ट अटैक का बड़ा कारण लंबे समय तक तनाव, ज्यादा काम, कम नींद और बर्नआउट है. तनाव से शरीर में सूजन बढ़ती है, जिससे दिल की नसें कमजोर हो जाती हैं और उनमें चर्बी जमने लगती है.

लेफ्ट मेन आर्टरी का खतरा
अगर दिल की बाईं मुख्य धमनी या एलएडी आर्टरी में गंभीर ब्लॉकेज हो जाए, तो दिल के बड़े हिस्से को खून और ऑक्सीजन नहीं मिलती. इससे दिल की धड़कन बिगड़ सकती है और अचानक कार्डियक अरेस्ट हो सकता है.

सुबह 6 बजे हार्ट अटैक क्यों?
सुबह 3 से 6 बजे के बीच शरीर में स्ट्रेस हार्मोन एड्रेनालिन और कॉर्टिसोल तेजी से बढ़ते हैं. ऐसे में दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर भी बढ़ता है. इस समय खून में थक्के बनने का खतरा भी ज्यादा होता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है.

क्या ईसीजी सब बता देती है?
ईसीजी कई बार शुरुआती या छिपी हुई समस्या नहीं पकड़ पाती. कभी-कभी नसों में ब्लॉकेज होने के बावजूद ईसीजी सामान्य आ सकती है. ऐसे में ट्रोपोनिन जैसे खून के टेस्ट ज्यादा मददगार होते हैं.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

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53 साल के न्यूरोसर्जन की हार्ट अटैक से मौत, रिस्क पहचानने में ECG भी फेल

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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