किसानों के लिए दिन-रात काम करने वाले ‘DCS सर्वेयर’ अब खुद के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है। उनकी प्रमुख मांगों में नौकरी को स्थायी करना, काम के दौरान सुरक्षा के लिए बीमा कवर और पहचान पत्र जारी करना शाम
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सर्वेयरों ने बताया कि उन्होंने किसान रजिस्ट्री, e-KYC और गिरदावरी जैसे कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों को पूरी ईमानदारी और लगन से पूरा किया है। इन कार्यों के माध्यम से उन्होंने सरकार और किसानों के बीच एक मजबूत कड़ी का काम किया है। अब वे चाहते हैं कि सरकार उनकी सेवाओं को मान्यता देते हुए उनकी नौकरी को स्थायी करे, ताकि उनके भविष्य की अनिश्चितता खत्म हो सके।
अपनी नौकरी के खतरों को बताते हुए, एक सर्वेयर ने कहा, खेतों में काम करते समय हमें अक्सर जहरीले सांपों और अन्य जीवों का सामना करना पड़ता है। हमारे कुछ साथी इन हमलों के शिकार भी हुए हैं, जिससे हम सभी की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। इस गंभीर जोखिम को देखते हुए, उन्होंने सरकार से सभी सर्वेयरों के लिए बीमा कवर की मांग की है।
काम के दौरान आने वाली एक और बड़ी बाधा पहचान से जुड़ी है। कई बार, खेतों में तारबंदी के कारण किसान उन्हें बाहरी समझकर रोक देते हैं। इससे उनका काम बाधित होता है और अनावश्यक विवाद भी पैदा होते हैं। इस समस्या को हल करने के लिए, सर्वेयरों ने सरकार से पहचान पत्र जारी करने का अनुरोध किया है। उनका मानना है कि पहचान पत्र से उन्हें बिना किसी रुकावट के अपना काम करने में मदद मिलेगी।
सर्वेयरों ने सिर्फ अपनी समस्याओं को ही नहीं रखा, बल्कि सरकार को अतिरिक्त जिम्मेदारियां लेने की इच्छा भी जताई। उन्होंने सुझाव दिया कि उन्हें धान और मूंग की खरीद के समय बिक्री केंद्रों पर निगरानी का काम सौंपा जा सकता है, जिससे धांधली को रोका जा सके। इसके अलावा, उन्होंने राजस्व वसूली के काम में भी मदद करने की पेशकश की है।