Darbhanga: दीवारों से निकलकर ‘छठी मैया’ के सूप पर छाई मिथिला पेंटिंग, इस अनोखी पहल की देश भर में बढ़ी मांग

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Mithila Painting On Chhath Puja Items: मिथिला की पारंपरिक चित्रकला अब दीवारों और कपड़ों से उतरकर पूजा के सामान तक पहुंच गई है. स्थानीय कलाकार छठ महापर्व के लिए सूप, नारियल को अपनी कला से सजा रहे हैं. इन अनूठे उत्पादों की मांग देश के कई अन्य राज्यों में भी तेजी से बढ़ रही है.

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दरभंगा: मिथिला की पारंपरिक चित्रकला अब दीवारों और कपड़ों से उतरकर पूजा के सामान तक पहुंच गई है. दरभंगा जिले में मिथिला पेंटिंग की एक नई कहानी लिखी जा रही है. जहां स्थानीय कलाकार छठ महापर्व के लिए सूप, नारियल और अन्य पूजन सामग्रियों को अपनी कला से सजा रहे हैं. इन अनूठे उत्पादों की मांग अब न केवल बिहार में, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी तेजी से बढ़ रही है.

सिर्फ दीवारों या साड़ियों तक नहीं, छोटे-छोटे आइटम से भी कमाई
मिथिला कृति हब की संस्थापक कृति कुमारी बताती हैं कि वे 2016 से इस क्षेत्र में काम कर रही हैं. इस नई पहल का नेतृत्व कर रही हूं. वे बताती हैं कि दीपावली और छठ पर्व को देखते हुए उनके पास मिथिला पेंटिंग से सजे सूप, डगरा, नारियल और सजावटी हाथियों के लिए बंपर ऑर्डर आ रहे हैं. कृति कुमारी कहती हैं कि हम हर साल कुछ नया प्रयोग करते हैं. पहले यह कला सिर्फ दीवारों या साड़ियों तक सीमित थी, लेकिन अब छोटे-छोटे आइटम पर इसे उकेर कर कलाकार प्रति आइटम 100 से 200 रुपये तक आसानी से कमा रहे हैं.

पेंटिंग वाटरप्रूफ है खासियत
इन उत्पादों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन पर की गई पेंटिंग वाटरप्रूफ है. कृति बताती हैं कि मिथिला पेंटिंग वाले सूप का इस्तेमाल छठ पूजा में तो किया ही जा सकता है. साथ ही पर्व के बाद इसे वॉल डेकोरेशन के रूप में भी घर में सजाया जा सकता है, जो दो से चार साल तक खराब नहीं होता.

इन शहरों से भी बड़ी संख्या में ऑर्डर
इस कला की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छत्तीसगढ़, पटना, गया, रक्सौल,
जमशेदपुर और दिल्ली जैसे शहरों से भी बड़ी संख्या में ऑर्डर आ रहे हैं. काम की बारीकी के हिसाब से इनकी कीमतें तय की गई हैं. एक पेंटेड नारियल की कीमत 150 रुपये है, जबकि एक सजावटी हाथी 250 रुपये में उपलब्ध है. यह नया प्रयोग न केवल मिथिला कला को एक नई पहचान दिला रहा है, बल्कि स्थानीय कलाकारों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है.

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

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दीवारों से निकलकर ‘छठी मैया’ के सूप पर छाई मिथिला पेंटिंग, देश भर में मांग

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