साइबर लिटरेसी- मैट्रिमोनियल प्लेटफार्म से हो रहा स्कैम: सरकार की एडवाइजरी, फेक प्रोफाइल के 14 संकेत, बचाव के लिए जरूरी 9 सावधानियां

28 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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अगर आप मैट्रिमोनियल और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर जीवनसाथी ढूंढ रहे हैं तो सावधान हो जाइए। हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल से मैट्रिमोनियल और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर बढ़ते साइबर स्कैम को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि साइबर ठग शादी और रिश्तों की तलाश कर रहे लोगों की भावनाओं को अपना हथियार बना रहे हैं।

ये ठग फर्जी प्रोफाइल बनाकर खुद को पढ़ा-लिखा, सफल और अच्छी नौकरी वाला या विदेश में काम करने वाला व्यक्ति बताकर भरोसा जीतते हैं। ठग यूजर से इमोशनल रिश्ता बनाते हैं। फिर इमोशन का फायदा उठाकर निवेश करने के लिए या क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने के लिए उकसाते हैं।

कई बार स्कैमर यूजर से न्यूड फोटो/वीडियो की डिमांड करते हैं। वीडियो कॉल पर न्यूड होने को कहते हैं, फिर स्क्रीन रिकॉर्डिंग करते हैं। बाद में ब्लैकमेल करके पैसे मांगते हैं। I4C ने लोगों को ऑनलाइन रिलेशनशिप में सतर्क रहने की हिदायत दी है।

आज साइबर लिटरेसी कॉलम में हम मैट्रिमोनियल-डेटिंग प्लेटफार्म के जरिए होने वाले इस स्कैम के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर फेक प्रोफाइल की पहचान कैसे करें?
  • मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस

सवाल- मैट्रिमोनियल-डेटिंग एप्स क्या हैं और ये कैसे काम करते हैं?

जवाब- ये ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स हैं, जहां लोग शादी या रिश्ते के लिए पार्टनर की तलाश करते हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • यहां यूजर अपनी प्रोफाइल बनाते हैं, जिसमें नाम, उम्र, क्वालिफिकेशन, प्रोफेशन, इनकम, फोटो और पसंद-नापसंद जैसी जानकारी देते हैं।
  • ये एप्स उम्र, लोकेशन, प्रोफेशन और इनकम जैसे फिल्टर के जरिए संभावित मैच दिखाते हैं।
  • अगर दो लोग एक-दूसरे में इंटरेस्ट दिखाते हैं, तो चैट, कॉल या वीडियो कॉल के जरिए बातचीत शुरू होती है।
  • धीरे-धीरे बातचीत आगे बढ़ती है। स्कैमर्स इसी जानकारी और इमोशनल अटैचमेंट का फायदा उठाते हैं।

सवाल- मैट्रिमोनियल-डेटिंग प्लेटफार्म के जरिए स्कैम कैसे हो रहा है?

जवाब- साइबर ठग मैट्रिमोनियल-डेटिंग प्लेटफार्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। धीरे-धीरे इमोशनल अटैचमेंट बनाते हैं और फिर निवेश के नाम पर उनसे ठगी करते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से इसे समझिए-

सवाल- लोग इस स्कैम के झांसे में क्यों आ जाते हैं?

जवाब- दरअसल पार्टनर की तलाश कर रहे लोग सामने वाले पर जल्द भरोसा कर लेते हैं। यही उनकी मुख्य कमजोरी है। इस स्कैम के झांसे में फंसने के कई कारण हो सकते हैं। जैसेकि-

  • साइबर ठग लोगों की भावनात्मक जरूरत, भरोसे और जल्दी रिश्ता पक्का करने की इच्छा का फायदा उठाते हैं।
  • शादी या रिश्ते की तलाश में लोग सामने वाले पर जल्दी विश्वास कर लेते हैं, खासकर जब प्रोफाइल भरोसेमंद और रिच दिखती है।
  • लगातार बातचीत, प्यार भरे शब्द और शादी के वादे व्यक्ति को भावनात्मक रूप से कमजोर कर देते हैं। इसलिए शक नहीं होता है।
  • इसी भरोसे और इमोशनल अटैचमेंट का इस्तेमाल कर ठग यूजर को अपना शिकार बना लेते हैं।

सवाल- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर स्कैम की पहचान कैसे कर सकते हैं?

जवाब- कुछ आसान संकेताें से मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर स्कैम की पहचान की जा सकती है। जैसेकि-

  • प्रोफाइल पर अधूरी जानकारी। इंफॉर्मेशन साफ न होना।
  • मिलने से बचना और सिर्फ ऑनलाइन बात पर जोर देना।
  • नौकरी, बैंक डिटेल, परिवार के बारे में पूछताछ करना।
  • अचानक इमरजेंसी बताकर पैसे की डिमांड करना।
  • अचानक निवेश, क्रिप्टो या पैसे कमाने की बात शुरू करना।
  • प्रोफाइल फोटो को रिवर्स इमेज सर्च (गूगल इमेज या अन्य टूल से) करने पर पता चले कि वही फोटो किसी दूसरे व्यक्ति की है तो यह सीधे फेक अकांउट है।

ये सभी संकेत बताते हैं कि सामने वाला व्यक्ति असली नहीं, बल्कि स्कैमर हो सकता है।

सवाल- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर फेक प्रोफाइल की पहचान कैसे करें?

जवाब- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर फेक प्रोफाइल की पहचान इन संकेतों से की जा सकती है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- इस स्कैम से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर खुद को ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से सुरक्षित रख सकते हैं। नीचे दिए गए ग्राफिक के जरिए इसे समझिए-

सवाल- ऐसे स्कैम का शिकार होने पर तुरंत क्या करना चाहिए?

जवाब- ऐसी स्थिति में पैनिक न हों। तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही जिस अकाउंट, प्रोफाइल या नंबर से ठगी हुई है, उसे तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें। अपने बैंक को तुरंत सूचना दें, ताकि किसी भी नुकसान को रोका जा सके।

सवाल- ऑनलाइन डेटिंग में क्या सावधानियां बरतना जरूरी है?

जवाब- ऑनलाइन डेटिंग एप यूज करते समय कुछ बुनियादी बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि-

  • डेटिंग एप पर मिले किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें।
  • प्रोफाइल पर दी गई जानकारी को क्रॉस-चेक करें।
  • अगर सोशल मीडिया प्रोफाइल है तो उससे प्रोफाइल मैच करें।
  • नाम, कंपनी और लोकेशन को खुद इंटरनेट पर सर्च करके चेक करें।
  • पहली मुलाकात हमेशा सार्वजनिक जगह पर ही करें।
  • पहली बार किसी दोस्त के साथ ही मिलने जाएं।
  • पहली मुलाकात में अपने घर का पता न बताएं।
  • अलग ई-मेल या दूसरे नंबर का इस्तेमाल करें।
  • चैट के स्क्रीनशॉट संभालकर रखें।
  • पैसे मांगते ही बातचीत बंद करके प्रोफाइल रिपोर्ट करें।
  • बहुत ज्यादा रोमांटिक या फिल्मी भाषा इस्तेमाल करने वालों से सावधान रहें।
  • अपने परिवार या दोस्तों से उस व्यक्ति के बारे में राय जरूर लें।
  • अगर सामने वाला व्यक्ति अपने बारे में कम बताए और आपसे ज्यादा सवाल पूछे, तो ये भी एक तरह का रेड फ्लैग है।
  • बहुत जल्द शादी की बात करे तो अलर्ट हो जाएं।
  • ठगी होने पर तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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