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Agriculture Tips: कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, दिसंबर माह में गेंदा की रोपाई करने से पौधे फरवरी-मार्च से लगातार फूल देने लगते हैं, जब बाजार में शादी समारोहों, धार्मिक आयोजनों और सजावट के कामों में गेंदा की अधिक खपत होती है.
गेंदा फूल की मांग वैसे तो हर मौसम में रहती है, लेकिन दिसंबर माह में इसकी उन्नत प्रजातियों की खेती करने पर किसानों को अधिक मुनाफा हो सकता है. दरअसल, दिसंबर माह शादी-ब्याह का सीजन होता है जिसके कारण फूलों की मांग बढ़ जाती है, जिसके कारण किसानों की अच्छी कमाई हो सकती है.

छतरपुर नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ उद्यानिकी एक्सपर्ट डॉक्टर कमलेश अहिरवार बताते हैं कि दिसंबर महीने में रोपाई करने से पौधे फरवरी-मार्च से लगातार फूल देने लगते हैं, जब बाजार में शादी समारोहों, धार्मिक आयोजनों और सजावट के कामों में गेंदा की अधिक खपत होती है. सही प्रजाति और तकनीक अपनाने पर कम लागत में ज्यादा उत्पादन संभव है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ती है.

डॉ कमलेश बताते हैं कि अफ्रीकन मैरीगोल्ड और फ्रेंच मैरीगोल्ड नवंबर-दिसंबर में खेती के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं. इनमें ‘पनाम गोल्ड’, ‘अफ्रीकन ऑरेंज’, ‘सुपर येलो’ और ‘सरवानी’ जैसी किस्में तेज वृद्धि, बड़े फूल और लंबी शेल्फ लाइफ के लिए जानी जाती हैं.
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ये किस्में मौसम के उतार-चढ़ाव को सहन कर लेती हैं और कम खाद-पानी में भी अच्छा उत्पादन देती हैं. किसान नर्सरी में 25-30 दिन की पौध तैयार कर लें, फिर खेत में रोपाई करें. पौधों के बीच 40-45 सेंटीमीटर की दूरी रखना बेहतर माना जाता है ताकि फूल अच्छी तरह विकसित हों.

एक्सपर्ट बताते हैं कि गेंदा फसल की सबसे बड़ी ताकत इसका मार्केट वैल्यू है. त्योहारी और लगन के सीजन में गेंदा के फूलों की कीमत दोगुनी बढ़ जाती है, जिससे किसानों को प्रति एकड़ 60 से 80 हजार रुपये तक का शुद्ध लाभ आसानी से मिल सकता है.

फूलों की तुड़ाई सुबह-शाम करने से गुणवत्ता बनी रहती है. वहीं, माल ताजा होने पर मंडी में तुरंत बिक जाता है. कई किसान गेंदा की माला बनाने का छोटा घरेलू व्यवसाय भी शुरू कर अतिरिक्त आय कमा रहे हैं.

सिंचाई और देखभाल में गेंदा फसल बहुत आसान मानी जाती है. खेत में चार-पांच दिन के अंतराल पर हल्की सिंचाई पर्याप्त है. फूल आने के समय पानी की कमी न हो, इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए.

रोग प्रबंधन के लिए नीम आधारित जैविक स्प्रे और हल्की गुड़ाई काफी असरदार रहती है. खेती से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर और दिसंबर में गेंदा की उन्नत प्रजाति लगाना किसानों को आने वाले महीनों में जबरदस्त मुनाफा देता है.
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