डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से नहीं डरा क्यूबा, कहा- अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने अमेरिका के साथ फिलहाल कोई बातचीत न करने की घोषणा की है. यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी धमकी के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने क्यूबा को बहुत देर होने से पहले समझौता करने की सलाह दी थी. ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि क्यूबा अब वेनेजुएला से तेल और धन पर निर्भर नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि क्यूबा को वेनेजुएला से तेल और पैसा मिलना बंद हो जाएगा- जीरो! मैं उन्हें सलाह देता हूं कि बहुत देर होने से पहले डील कर लें.

यह धमकी तीन जनवरी को अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई के बाद आई, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया और उनकी पत्नी के साथ उन्हें अमेरिका ले जाया गया. इस ऑपरेशन में 32 क्यूबाई अधिकारी मारे गए थे, जो क्यूबा के लिए बड़ा झटका रहा. सोमवार को डियाज़-कैनेल ने एक्स पर कई पोस्ट किए. उन्होंने कहा कि अमेरिका और क्यूबा के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए, उन्हें शत्रुता, धमकियों और आर्थिक दबाव के बजाय अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए.

उन्होंने जोर देकर कहा कि क्यूबा विभिन्न अमेरिकी सरकारों के साथ संप्रभु समानता, पारस्परिक सम्मान, अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों और पारस्परिक लाभ के आधार पर संवाद के लिए हमेशा तैयार रहा है, बशर्ते आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न हो और क्यूबा की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाए. डियाज़-कैनेल ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ फिलहाल कोई बातचीत नहीं हो रही है, सिवाय प्रवासन से जुड़े तकनीकी संपर्कों के.

क्यूबा पर अमेरिकी हमले का आरोप

उन्होंने अमेरिका पर 66 वर्षों से क्यूबा पर आक्रमण करने का आरोप लगाया और कहा कि क्यूबा आक्रामक नहीं है, बल्कि हमला सहता है और अपनी रक्षा के लिए आखिरी खून की बूंद तक तैयार है. यह घटनाक्रम क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रहा है. वेनेजुएला से क्यूबा को पहले प्रतिदिन लगभग 35,000 बैरल तेल मिलता था, जो अब पूरी तरह बंद हो गया है.

जानकारों के अनुसार हमले से पहले क्यूबा को वेनेजुएला के अलावा मैक्सिको से करीब 5,500 बैरल और रूस से 7,500 बैरल कच्चा तेल रोजाना प्राप्त होता था. अब ईंधन की कमी से क्यूबा में बिजली कटौती और आर्थिक संकट गहरा सकता है, जहां पहले से ही ब्लैकआउट और महंगाई की समस्या है. ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई नशीली दवाओं की तस्करी रोकने और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी थी.

मादुरो पर अमेरिका में नारको-टेररिज्म के आरोप हैं और उन्हें न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किया गया है. हालांकि, कई अंतरराष्ट्रीय नेता, जैसे संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. क्यूबा की स्थिति अब नाजुक है. विशेषज्ञों का मानना है कि डियाज-कैनेल का बयान समय खरीदने की कोशिश हो सकती है, जबकि आंतरिक संकट बढ़ रहा है.

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *