झाबुआ जिले के मेवानगर स्थित श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव तीर्थ में माघ पूर्णिमा का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस खास मौके पर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह भैरव देव की भव्य महाआरती के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जिसमें देशभर से आए श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालु इस धार्मिक उत्सव में शामिल होने के लिए मुंबई, इंदौर, उज्जैन, रतलाम और राजगढ़ जैसे कई बड़े शहरों से भक्त पेटलावद पहुंचे। दिनभर मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने धाम के गादीपति सुमित जी पीपाड़ा से आशीर्वाद लिया। बेहद कम समय में यह तीर्थ स्थल देशभर के भक्तों के लिए अटूट आस्था का केंद्र बन चुका है, जहां अब एक विशाल और भव्य मंदिर का निर्माण भी तेजी से शुरू होने वाला है। शाही ठाठ-बाट के साथ निकला वरघोड़ा इससे पहले 30 जनवरी को दादा के स्थापना दिवस पर ऐतिहासिक आयोजन हुआ। गादीपति सुमित जी के मार्गदर्शन में एक शाही वरघोड़ा (शोभायात्रा) निकाला गया। इस यात्रा में 11 घोड़े, 11 बग्गियां, 11 ढोल और दो बैंड शामिल थे, जो पूरे नगर में आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण 111 फीट ऊंचा विशाल ध्वज रहा, जिसे लाभार्थी परिवार लेकर चल रहा था। इस दौरान श्रद्धालु अपने सिर पर छप्पन भोग और पूजा की सामग्री लेकर भक्ति भाव के साथ चल रहे थे। भक्तिमय माहौल में हवन और स्थापना नगर भ्रमण के बाद मंदिर दरबार में श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान, भैरव देव और माताजी की प्रतिमाओं को विधि-विधान से स्थापित किया गया। यहाँ 35 हवन कुंडों में मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी गईं और अंत में महाआरती हुई। इस पूरे महोत्सव को सफल बनाने में ट्रस्ट अध्यक्ष सुनील झालोका, सचिव राजेश कांठेड़ और ट्रस्टी सौरभ खेमेसरा व सुनील भांगू सहित पूरी टीम का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन राजेश कांठेड़ ने किया और अंत में सभी का आभार माना गया। .