मीठा खाने की है तलब, कहीं बिगड़ न जाए पेट की सेहत, जानें हेल्दी-अनहेल्दी नेचुरल स्वीटनर्स के बेस्ट ऑप्शन

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Which sugar is the worst for gut health: अधिक मीठे का सेवन सेहत के लिए अनहेल्दी होता है. ये बात अक्सर हेल्थ एक्सपर्ट्स भी कहते आए हैं. स्टडीज में भी सामने आ चुका है कि चीनी का अधिक सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक है. खासकर, डायबिटीज के मरीजों को अधिक चीनी के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि कई प्रॉसेस्ड फूड में शुगर मौजूद होता है, जो तेजी से ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाता है. इतना ही नहीं, स्वीटनर्स, अनरिफाइंड शुगर पाचन तंत्र को भी नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे में पूरी तरह से चीनी को डाइट से निकालने की बजाय प्रॉसेस्ड शुगरी फूड्स, रिफाइंड शुगर का सेवन कम करना चाहिए. मीठे के लिए कई हेल्दी ऑप्शन मौजूद हैं, जो आपकी क्रेविंग को संतुष्ट करने के साथ ही पेट की सेहत भी हेल्दी रखते हैं.

कहते हैं अगर पाचन तंत्र सही नहीं रहेगा तो कई तरह की बीमारियों के होने का जोखिम बढ़ जाता है. ऐसे में हेल्दी गट के लिए चीनी का इनटेक भी मायने रखता है. मीठे खाद्य पदार्थ काफी हद तक पेट की सेहत को प्रभावित करते हैं. ये पाचन तंत्र संबंधित समस्याएं जैसे अपच, ब्लोटिंग, गैस, कब्ज बढ़ा सकते हैं. एक्सपर्ट के अनुसार, स्वीटनर्स पूरी तरह से नुकसानदायक नहीं होते हैं, लेकिन फिर भी इन्हें सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.

इंडियनएक्सप्रेस में छपी एक खबर के अनुसार, पेट की सेहत के लिए सफेद शुगर नुकसानदायक है, जिसका हम सभी सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. ये चीनी सबसे अधिक रिफाइंड होती है. पेट में मौजूद नुकसानदायक बैक्टीरिया के बढ़ने का कारण बनती है. इससे डाइजेस्टिव ट्रैक में गैस, अपच, ब्लोटिंग, इंफ्लेमेशन हो सकती है. लगातार अधिक सेवन से एसिड रिफ्लक्स, इर्रिटेबल बाउल, फैटी लिवर की समस्या हो सकती है.

ब्राउन शुगर को वॉइट शुगर की तुलना में अधिक बेहतर माना गया है. हालांकि, पेट में जाकर ये भी रिफाइंड शुगर की तरह ही प्रतिक्रिया करता है. इससे भी ब्लोटिंग, गैस, अपच हो सकता है. इसमें बहुत कम मात्रा में मिनरल्स होते हैं, जो डाइजेस्टिव सिस्टम को खास सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं.

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कुछ लोग चीनी की जगह गुड़ खाना पसंद करते हैं. एक्सपर्ट के अनुसार, गुड़ रिफाइंड चीनी की तुलना में कम प्रोसेस्ड होता है. गुड़ को पचाना भी आसान होता है. कम मात्रा में सेवन से भी ये पेट की अच्छी तरह से सफाई कर सकता है. हालांकि, एक बार में ही अधिक मात्रा में गुड़ खाने से भी आपको डायरिया, गैस, एसिडिटी हो सकती है.ऐसे में जिन लोगों का पाचन तंत्र अधिक संवेदनशील है, कुछ भी खाने से पेट जल्दी खराब हो जाता है, तो सीमित मात्रा में ही गुड़ का भी सेवन करें.

शहद भी पेट की सेहत के लिए सही है, लेकिन कम मात्रा में सेवन करने से ही फायदा होगा. यह पेट के लिए हल्का होता है. इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. वैसे, अधिक शहद के सेवन से दस्त, पेट का फूलना, गैस, अपच की समस्या भी हो सकती है. ऐसा इसलिए, क्योंकि शहद में फ्रक्टोज अधिक होता है.

एरिथ्रिटोल भी पेट के लिए सेफ माना गया है. एरिथ्रिटोल एक कॉमन आर्टिफिशियल स्वीटनर है. फल और सब्जियों में भी ये कम मात्रा में मौजूद होता है. यह मुख्य रूप से छोटी आंत में एब्जॉर्ब होता है. ये अन्य शुगर एल्कोहल की तुलना में पेट में कम गैस बनाता है. हालांकि, इसे अधिक मात्रा में सेवन करने से भी पेट में कई परेशानियां शुरू हो सकती हैं. ऐसे में सेंसिटिव लोगों को कम ही सेवन करना चाहिए.

स्टीविया के सेवन से ब्लड शुगर लेवल तेजी से हाई नहीं होता है. यह आसानी से पच जाता है, लेकिन इसका भी कम मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए. कुछ प्रोसेस्ड स्टीविया के उत्पादों में फिलर्स मौजूद होते हैं, जो पेट फूलने, मतली, गैस, अपच की समस्या का कारण बन सकते हैं.

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आंतों की सेहत के लिए कौन सा नेचुरल स्वीटनर है सबसे अच्छा और खराब?

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