बैतूल शहर के टिकारी क्षेत्र स्थित न्यू इंदिरा वार्ड में सड़क चौड़ीकरण को लेकर की गई प्रशासनिक कार्रवाई पर न्यायालय ने रोक लगा दी है। यह मामला स्थानीय निवासी सुंदरलाल कड़वे की 0.058 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। रविवार को प्रशासन ने जेसीबी मशीन से यहां तोड़फोड़ की थी। बिना सूचना तोड़फोड़ का आरोप सुंदरलाल कड़वे ने न्यायालय में आवेदन देकर घोषणा और स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की। उनका आरोप है कि 22 और 23 फरवरी को राजस्व, नगरपालिका और पुलिस की टीम बिना किसी न्यायालयीन आदेश या पूर्व सूचना के उनके मकान के पीछे बने कमरे को तोड़ गई। उन्होंने बताया कि उस कमरे में लेट-बाथ, नल फिटिंग और बिजली की व्यवस्था थी। साथ ही करीब 100 फुट लंबी बाउंड्रीवाल भी तोड़ दी गई। रात में लगाया गया आवेदन कड़वे के वकील ने रविवार रात को रात्रिकालीन आवेदन पेश किया। देर रात न्यायालय में पूरा स्टाफ उपलब्ध नहीं था, इसलिए सोमवार 23 फरवरी की सुबह सुनवाई की गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दे दिया। अब कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन वहां किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या निर्माण कार्य नहीं कर सकेगा। प्रशासन की ओर से बताया गया कि यह कार्रवाई टिकारी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और सरकारी जमीन पर फैले अतिक्रमण हटाने के तहत की जा रही थी। तहसीलदार पूनम साहू के नेतृत्व में टीम सतपाल आश्रम के सामने पहुंची थी और वहां कुल आठ अतिक्रमण हटाए गए थे। इस दौरान राजस्व आरआई श्री पोटफोड़े, नगरपालिका आरआई श्री परते और अखिल राय समेत कई अधिकारी मौजूद थे। फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद विवादित जमीन पर किसी भी तरह की कार्रवाई रोक दी गई है। मामला अब न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा। .